गोराना में भक्ति का महासंगम: 22 वर्षों की अनवरत साधना और अखंड रामायण का भव्य समापन
धर्म नगरी गोराना के श्री चारभुजा मंदिर में 22 वर्षों से जारी अखंड रामायण और सत्संग का मकर संक्रांति पर भव्य समापन हुआ। पंडित केशु लाल पुरोहित के सानिध्य और भगवत सिंह पवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के सैंकड़ों भक्तों ने शिरकत की। देशी घी की लपसी के प्रसाद और राम धुन के साथ संपन्न हुए इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक उत्सव की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

गोराना (राजसमंद): धर्म नगरी के रूप में विख्यात ग्राम गोराना में आज श्रद्धा और विश्वास का एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर श्रद्धालु के हृदय को भावविभोर कर दिया। मकर संक्रांति के इस परम पावन पर्व पर, पिछले 22 वर्षों से चली आ रही सत्संग और अखंड कीर्तन रामायण पाठ की अविरल धारा का आज पूर्णता के साथ समापन हुआ। श्री चारभुजा मंदिर के भव्य परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने न केवल गांव बल्कि आसपास के क्षेत्र को भी राममय कर दिया। पंडित केशु लाल पुरोहित के दिव्य सानिध्य में मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए हवन और पूर्णाहुति ने वातावरण में एक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर आध्यात्मिक विचारों के धनी और मार्गदर्शक श्रीमान भगवत सिंह जी पवार के नेतृत्व में समूचा गांव भक्ति के एक सूत्र में पिरोया हुआ नजर आया। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए श्री बालचंद जी मेहता, गहरी लाल जी मेहता, भेरुलाल जी पालीवाल, अमरचंद जी लखारा, भागचंद जी पुरबिया, मांगीलाल जी कुम्हार, भेरुलाल जी पालीवाल, महेंद्र पालीवाल, गणेश लाल पालीवाल, गणपत सिंह पवार, शंकर सिंह पवार, श्रीमती डाकू बाई पुरोहित, कमला कुंवर, मोहब्बत पवार, लक्ष्मण दास, कन्हैया लाल कुम्हार एवं इनकी धर्मपत्नी दुर्गेश जी पालीवाल सहित अनेक भक्तों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। इन सभी भक्तों ने अपनी अटूट निष्ठा से इस 22 वर्षीय संकल्प को सिद्धि तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम का समापन हृदयस्पर्शी राम धुन के साथ हुआ, जिसके स्वर गगनभेदी जयकारों में तब्दील हो गए। धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को शुद्ध देशी घी की लपसी का प्रसाद वितरित किया गया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र नहीं था, बल्कि यह गोराना की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपराओं के प्रति अडिग विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। 22 वर्षों का यह सफर आज एक ऐसी मिसाल बन गया है जो आने वाली पीढ़ियों को भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
