मावली में स्व. तेजस्वी जाट की जयंती पर उमड़ा भामाशाहों का सैलाब: 500 बच्चों को मिले स्कूल बैग, विद्यालय विकास के लिए खुले दान के द्वार
मावली के फलीचड़ा में 77वें गणतंत्र दिवस पर स्व. तेजस्वी जाट की जयंती के उपलक्ष्य में 500 छात्रों को स्कूल बैग बांटे गए। सरपंच मीना जाट ने विद्यालय विकास हेतु 1 लाख रुपये और अन्य भामाशाहों ने फर्नीचर व बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। मानवीय संवेदना और शिक्षा के प्रति समर्पण की एक अनूठी रिपोर्ट।

मावली/फलीचड़ा। राष्ट्र के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर फलीचड़ा ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जहाँ देशभक्ति के जज्बे के साथ मानवीय संवेदनाओं का अनूठा संगम हुआ। अवसर तो गणतंत्र के उत्सव का था, लेकिन इस आयोजन ने उस वक्त भावुक और प्रेरणादायी रूप ले लिया जब स्वर्गीय तेजस्वी जाट की जन्म जयंती को यादगार बनाने के लिए शिक्षा और सेवा का संकल्प लिया गया। इस गौरवमयी समारोह में जहाँ तिरंगा शान से लहराया, वहीं नन्हे-मुन्ने बच्चों के चेहरों पर स्कूल बैग पाकर जो मुस्कान बिखरी, उसने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
समारोह की मुख्य अतिथि प्रशासक महोदया मीना कुमारी जाट रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में देवेंद्र नाथ चौहान, सोहन लाल गाडरी, छोगा लाल और घन श्याम नाथ चौहान ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक भारतीय द्वारा की गई। प्रदेश शिक्षक नेता सुरेश कुमार देशबंधू ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस शुभ अवसर पर विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस गरिमामयी आयोजन का सबसे हृदयस्पर्शी क्षण वह था जब फलीचड़ा निवासी श्री चंद्र प्रकाश जाट की सुपुत्री स्वर्गीय तेजस्वी जाट की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में नर्मदा देवी द्वारा पीईईओ क्षेत्र के सभी 500 विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए गए। नए बैग पाकर नन्हे छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे और उनकी आंखों में भविष्य के सपने चमकने लगे। शिक्षा के प्रति इस समर्पण को देखकर पूरा विद्यालय परिवार और ग्रामीण अभिभूत नजर आए।
भामाशाहों की उदारता यहीं नहीं रुकी। विद्यालय के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए सरपंच मीना जाट ने 1 लाख रुपये की विकास राशि देने की महत्वपूर्ण घोषणा की। इसी कड़ी में उदयपुर जिला महामंत्री गाडरी सभा एवं समाजसेवी सोहन लाल गाडरी ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 50 टेबल-स्टूल भेंट करने का संकल्प लिया। विद्यालय के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समाजसेवी व भामाशाह छोगा लाल जाट ने शौचालय मरम्मत का जिम्मा उठाने की घोषणा की। साथ ही, उत्सव के आनंद को द्विगुणित करते हुए भूपेंद्र नाथ चौहान की ओर से उपस्थित सभी लोगों के लिए स्नेह भोज की व्यवस्था की गई।
मंच का सफल संचालन लहरी लाल जाट और प्रीति कोर ने अपनी ओजस्वी वाणी से किया, जिससे कार्यक्रम का प्रवाह अंत तक बना रहा। यह आयोजन न केवल एक सरकारी उत्सव बनकर रह गया, बल्कि इसने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज और भामाशाह एकजुट होते हैं, तो सरकारी विद्यालयों की तस्वीर और बच्चों की तकदीर दोनों बदली जा सकती है। फलीचड़ा का यह गणतंत्र दिवस समारोह क्षेत्र में शिक्षा के प्रति अलख जगाने वाले एक मील के पत्थर के रूप में याद किया जाएगा।

