जिला कारागार में बुधवार दोपहर अचानक मची हलचल ने प्रशासन और बंदियों दोनों को चौकन्ना कर दिया। जिला प्रशासन, पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीम ने कारागार में आकस्मिक तलाशी अभियान चलाया, जो करीब 40 मिनट तक चला। तलाशी के दौरान हर कोने—बैरक से लेकर बिस्तर और शौचालय तक—की बारीकी से जांच की गई।

जेल अधीक्षक शैलेंद्र भारद्वाज ने बताया कि यह जांच दोपहर करीब ढाई बजे एसडीएम के नेतृत्व में शुरू हुई। पुलिस टीम और जेल अधिकारी संयुक्त रूप से कारागार परिसर में दाखिल हुए और सभी बंदियों, महिला बैरक, लंगर क्षेत्र, शौचालयों तथा बिस्तरों की सघन तलाशी ली। लगभग साढ़े तीन बजे तक चले इस अभियान में किसी भी प्रकार की निषिद्ध या अवैध सामग्री नहीं मिली।

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी का उद्देश्य कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन की स्थिति की समीक्षा करना था। नियमित निरीक्षण के तहत की गई इस आकस्मिक जांच ने न केवल जेल प्रशासन को संतोष प्रदान किया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विश्वास मजबूत किया। तलाशी के दौरान बंदियों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिससे प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सकी।

जांच के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी समय-समय पर जारी रहेंगे, ताकि कारागार में सुरक्षा और व्यवस्था का स्तर उच्च बना रहे।

Pratahkal Bureau

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