सलूंबर (प्रात:काल संवाददाता)। राज्य सरकार ने शुक्रवार को सलूंबर जिले में पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन की अधिसूचना जारी कर दी। इस आदेश के तहत जिले में 86 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है, जबकि 82 पुरानी पंचायतों के क्षेत्र पुनः सीमांकित किए गए हैं। यह कदम सलूंबर जिले की छह प्रमुख पंचायत समितियों—झल्लारा, जयसमंद, लसाड़िया, सलूंबर, सराड़ा और सेमारी—में लागू होगा और इसे जिले में पंचायत स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन माना जा रहा है।

झल्लारा पंचायत समिति क्षेत्र में कई पुरानी पंचायतों के दायरे घटाए-बढ़ाए गए हैं। जयसमंद पंचायत समिति में वीरपुरा, कंतोड़ा, करोड़िया, सल्लाड़ा, पिपलारा और श्यामपुरा समेत कई पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। लसाड़िया पंचायत समिति की पूरी संरचना बदली गई है और कई पंचायतों के सीमांकन में बदलाव कर नए गांवों को सम्मिलित किया गया है। सलूंबर ब्लॉक में भी सबसे अधिक बदलाव देखने को मिले हैं, वहीं सराड़ा क्षेत्र की प्रमुख पंचायतों में व्यापक फेरबदल किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, इन बदलावों से प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी, पंचायत स्तर पर स्थानीय भागीदारी बढ़ेगी और विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। यह पुनर्गठन भौगोलिक असमानताओं को कम करने और ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुनर्गठन से चुनावी नक्शों में भी बदलाव होंगे और गांवों को नई पहचान मिलेगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सभी ग्राम पंचायतों के सीमांकन में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है और यह कदम ग्रामीण प्रशासन को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

इस बड़े प्रशासनिक परिवर्तन के बाद सलूंबर जिले की पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास की दिशा में एक नई गति देखने को मिलेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर शासन और विकास योजनाओं के लाभों का विस्तार होगा।

Pratahkal Bureau

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