उदयपुर में राजस्थान के सपूत मेजर शैतान सिंह भाटी और उनके 120 रणबांकुरों के बलिदान की शौर्यगाथा ने मूक-बधिर समाज को भावुक कर दिया। पीवीआर सेलिब्रेशन मॉल में 200 से अधिक मूक-बधिर दर्शकों ने भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) में फिल्म ‘120 बहादुर’ देखी। पहली बार बड़े पर्दे पर आईएसएल में फिल्म देखने का अनुभव दर्शकों के लिए विशेष रहा।

सिनेमा को समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सुगम्य बनाने की पहल के तहत अभिनेता फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इंडिया माइनिंग हँड्स (ईश) के साथ मिलकर फिल्म का भारतीय सांकेतिक भाषा में रूपांतरण किया। इसी पहल के तहत 200 से अधिक मूक-बधिर दर्शकों को बड़े पर्दे पर आईएसएल में फिल्म देखने का अवसर मिला।

एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ द्वारा निर्मित फिल्म ‘120 बहादुर’ को मूक-बधिर दर्शकों के लिए विशेष रूप से भारतीय सांकेतिक भाषा (आईएसएल) इंटरप्रिटेशन और क्लोज्ड कैप्शन्स के साथ प्रदर्शित किया गया। फिल्म वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान लद्दाख में 17,000 फीट की बर्फीली चोटी पर लड़े गए ऐतिहासिक ‘रेज़ांग ला के युद्ध’ की सच्ची घटना पर आधारित है।

फिल्म में 13 कुमाऊं रेजिमेंट के परमवीर चक्र विजेता और राजस्थान के सपूत मेजर शैतान सिंह भाटी (पीवीसी) तथा उनके 120 जांबाज सैनिकों के अद्वितीय पराक्रम को दर्शाया गया है। स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमा में मौजूद मूक-बधिर दर्शकों की आंखें गर्व और देशभक्ति से नम हो गईं।

फिल्म देखने के बाद उदयपुर के एक मूक-बधिर युवा ने सांकेतिक भाषा में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब तक सिनेमा में कोई भी फिल्म देखते समय हमें परिजनों या दोस्तों से बार-बार पूछना पड़ता था कि पर्दे पर क्या संवाद चल रहे हैं। लेकिन आज पहली बार ऐसा महसूस हुआ जैसे देश के महान वीर जवान सीधे अपनी बात हमारे दिल तक पहुंचा रहे हैं। जब हमने देखा कि किस प्रकार मेजर शैतान सिंह जी और 120 रणबांकुरों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, तो हमारे रोंगटे खड़े हो गए। इस फिल्म ने हमारे भीतर देशभक्ति, समर्पण और जीवन में कुछ कर गुजरने की नई प्रेरणा भरी है। हमें गर्व है कि हम उस भारत के नागरिक हैं, जिसकी रक्षा के लिए ऐसे वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।”

फिल्म में मेजर शैतान सिंह (पीवीसी) की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता एवं सह-निर्माता फरहान अख्तर ने इस पहल पर कहा, “120 बहादुर अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और मानवीय संकल्प की गाथा है। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि हमारे वीरों की ऐसी प्रेरक कहानियां समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक सहजता से पहुंचनी चाहिए। इस फिल्म का भारतीय सांकेतिक भाषा में प्रदर्शित होना मेरे लिए अत्यंत भावनात्मक और अर्थपूर्ण है। सिनेमा में लोगों को जोड़ने की असीम ताकत है, और मुझे खुशी है कि यह फिल्म अब एक सच्चे समावेशी रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है।”

यह आयोजन केवल फिल्म स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मूक-बधिर समुदाय के लिए मनोरंजन में सुगम्यता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। 200 से अधिक मूक-बधिर दर्शकों के लिए बड़े पर्दे पर फिल्म का अनुभव नई उम्मीद लेकर आया। इसने इस मांग को भी सशक्त किया कि सिनेमा की दुनिया में उनके लिए हर स्तर पर सुगम्य सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि वे भी देश की गौरवगाथाओं को पूरी तरह समझ और महसूस कर सकें।

उदयपुर जिला बधिर खेल समिति के महासचिव प्रवीण कुमार भंवरा ने बताया कि उदयपुर, नाथद्वारा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, ऋषभदेव और डूंगरपुर से मूक-बधिर दर्शकों ने इसमें भाग लिया। भारतीय सांकेतिक भाषा में ‘120 बहादुर’ की स्क्रीनिंग ने इन दर्शकों को सिनेमा के माध्यम से देश के वीर जवानों की शौर्यगाथा सीधे समझने और महसूस करने का अवसर दिया।


Dharnendra Jain( Kherwara)

Dharnendra Jain( Kherwara)

नाम: धरणेन्द्र जैन

वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)

कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें

अनुभव: 30 वर्ष से अधिक

परिचय 

धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:

  • वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
  • उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
  • वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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