अहमदाबाद में साबरमती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पश्चिम रेलवे द्वारा ₹335 करोड़ की लागत से किए जा रहे इस पुनर्विकास कार्य का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, सुगम आवागमन, पर्यावरणीय स्थिरता, स्मार्ट तकनीक और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा यह स्टेशन भविष्य में आधुनिक परिवहन केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पुनर्विकसित साबरमती रेलवे स्टेशन में आधुनिक स्मार्ट-बिल्डिंग सिस्टम को शामिल किया जा रहा है। इसमें Supervisory Control and Data Acquisition (SCADA) एवं Building Management System (BMS) का एकीकरण, एकीकृत CCTV निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, IT नेटवर्किंग तथा पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए यात्रियों को ट्रेनों के समय, आगमन और प्रस्थान सहित अन्य महत्वपूर्ण यात्री सूचनाएं वास्तविक समय में उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्टेशन के पुनर्विकास में यात्रियों की सुगम आवाजाही और विशेष रूप से दिव्यांगजन के लिए बाधारहित आवागमन पर विशेष ध्यान दिया गया है। परियोजना के तहत 28 लिफ्ट और 28 एस्केलेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक लिफ्ट में ब्रेल सुविधाओं के साथ गाइड एवं वार्निंग टाइल्स तथा दिशासूचक साइनेज लगाए जाएंगे। दिव्यांगजन के अनुकूल टिकट काउंटर, ATVM और पेयजल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्टेशन पर यात्रियों के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग जोन विकसित किए जा रहे हैं। दोपहिया वाहनों, कारों, ऑटो और बसों के लिए समर्पित पार्किंग सुविधाओं के साथ EV चार्जिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्टेशन परिसर में यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

यात्री कॉनकोर्स में प्रतीक्षालय, शौचालय, महिलाओं एवं बच्चों के लिए बेबी-केयर रूम, वाणिज्यिक सुविधाएं और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सभी प्लेटफॉर्मों से यात्री कॉनकोर्स तक लिफ्ट, सीढ़ियों और एस्केलेटर के माध्यम से सुगम कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

यात्री आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए साबरमती BG स्टेशन पर 3 FOB और साबरमती (SBT) स्टेशन पर 3 FOB का प्रावधान किया गया है। साबरमती BG में 7 प्लेटफॉर्म और साबरमती (SBT) स्टेशन पर 3 प्लेटफॉर्म का विकास किया जा रहा है। यात्रियों के आगमन और प्रस्थान क्षेत्रों को अलग-अलग रखने से स्टेशन पर यात्री प्रवाह अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्मों पर थ्रू-रूफ कवरिंग के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्राकृतिक रोशनी के बेहतर उपयोग के लिए स्काईलाइट्स भी प्रस्तावित हैं।

वर्तमान में साबरमती रेलवे स्टेशन से 19 ट्रेनें ओरिजिनेट होती हैं, जबकि 22 ट्रेनें इस स्टेशन से होकर गुजरती हैं। स्टेशन से प्रतिदिन 35,000 से अधिक यात्री यात्रा करते हैं। साबरमती (SBI) स्टेशन की छत लगभग 20 मीटर ऊंची है। अहमदाबाद साइड स्थित FOB से दिल्ली साइड स्थित FOB तक स्टेशन परिसर का क्षेत्रफल 3200000 वर्ग फीट से अधिक है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों के तहत आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

स्टेशन परिसर में लगभग 86000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में एक विशाल दो मंजिला होल्डिंग एरिया विकसित किया जा रहा है। इसकी प्रत्येक मंजिल लगभग 43000 वर्ग फीट क्षेत्र में होगी और इसमें 10,000 यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता होगी। होली, दीपावली और छठ पूजा सहित विभिन्न पर्वों तथा धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के दौरान यह होल्डिंग एरिया यात्री आवागमन और भीड़ प्रबंधन को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में मदद करेगा।

नवनिर्मित होल्डिंग एरिया में यात्रियों की सुविधा के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, जलपान केंद्र तथा पुरुषों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए पृथक शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

साबरमती रेलवे स्टेशन पर “Rapido Traveler’s Lounge” भी स्थापित किया गया है। यह सुविधा यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और सहज यात्रा अनुभव प्रदान कर रही है। इसके माध्यम से यात्रियों को लगभग शून्य प्रतीक्षा समय में कनेक्टिविटी, समर्पित पैसेंजर लाउंज और ऑन-ग्राउंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं।

परियोजना में हरित और पर्यावरण अनुकूल आधारभूत संरचना पर भी विशेष जोर दिया गया है। साबरमती रेलवे स्टेशन को Gold-rated Green Building (IGBC) के रूप में विकसित करने की योजना है। स्टेशन परिसर में 1,300 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र प्रस्तावित है।

साबरमती रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की प्रमुख विशेषताओं में अन्य परिवहन माध्यमों के साथ इसका एकीकरण भी शामिल है। परियोजना की योजना में साबरमती मेट्रो, AEC मेट्रो और हाई-स्पीड रेल स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी का प्रावधान किया गया है। इससे साबरमती क्षेत्र में एकीकृत मल्टीमॉडल परिवहन व्यवस्था विकसित होगी और यात्रियों को विभिन्न परिवहन साधनों के बीच सुविधाजनक इंटरचेंज की सुविधा मिल सकेगी।

इस तरह साबरमती स्टेशन का पुनर्विकास केवल स्टेशन भवन के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है। इसमें यात्री आवागमन, पहुंच, इंटरचेंज सुविधाओं और स्टेशन क्षेत्र के समग्र बुनियादी ढांचे का व्यापक विकास शामिल है।

परियोजना के कई महत्वपूर्ण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। मुख्य स्टेशन भवन का ईस्ट विंग काफी हद तक पूरा हो चुका है। ईस्ट विंग में UTS, PRS एवं टिकट काउंटर संचालित हो रहे हैं और प्रतीक्षालय को भी ईस्ट विंग में स्थानांतरित कर दिया गया है। ईस्ट विंग की लिफ्ट और एस्केलेटर भी परिचालन में हैं। इस तरह ₹335 करोड़ की परियोजना के तहत साबरमती रेलवे स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं, स्मार्ट तकनीक, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम तेजी से अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।

Pratahkal Newsroom

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