भारत में लॉकडाउन लगेगा या नहीं? पेट्रोलियम मंत्री का सबसे बड़ा बयान
मेटा डिस्क्रिप्शन (Meta Description) ग्लोबल तेल संकट के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रहेंगी स्थिर। हरदीप पुरी ने लॉकडाउन की अफवाहों को नकारा और बताया कैसे सुरक्षित है भारत की ऊर्जा सप्लाई।

Hardeep Singh Puri
International crude oil prices : मिडिल ईस्ट में गहराते भू-राजनीतिक संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। कच्चे तेल के बाजार में मचे हाहाकार के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत की स्थिति और सरकार की रणनीति को स्पष्ट करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने न केवल वैश्विक स्तर पर आई तेल की कीमतों में भारी उछाल का ब्यौरा दिया, बल्कि देश में फैल रही लॉकडाउन की अफवाहों पर भी पूर्ण विराम लगा दिया है।
आसमान छूता कच्चा तेल और वैश्विक प्रभाव केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की गई जानकारी में बताया कि पिछले महज एक महीने के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से छलांग लगाकर 122 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। इस अप्रत्याशित वृद्धि का सीधा असर दुनिया भर के उपभोक्ताओं पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतों में 30% से 50% तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि उत्तरी अमेरिका में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में यह वृद्धि 50% तक दर्ज की गई है। वैश्विक सप्लाई चेन में आए इस अवरोध ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल दिया है।
भारत का रणनीतिक फैसला: नागरिकों पर नहीं पड़ेगा बोझ हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में इस उछाल के बाद मोदी सरकार के सामने दो कठिन विकल्प थे। पहला यह कि अन्य देशों की तरह भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि कर इसका बोझ सीधे जनता पर डाल दिया जाए, और दूसरा यह कि सरकार खुद इस वित्तीय घाटे को सहकर नागरिकों को सुरक्षित रखे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के समय से चली आ रही अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक बार फिर जनता के हितों को सर्वोपरि रखा है। सरकार ने अपने राजस्व में भारी कटौती करने का निर्णय लिया है ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर भारतीय घरों के बजट पर न पड़े।
The global situation remains in flux, and we are closely monitoring developments across energy, supply chains, and essential commodities on a real-time basis.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026
Under the leadership of Hon’ble PM @narendramodi Ji, all necessary steps are being taken to ensure uninterrupted…
वित्तीय प्रबंधन और कड़े कानूनी कदम सरकारी तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मंत्री ने बताया कि वर्तमान स्थिति में तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। इस अंतर को पाटने और घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- राजस्व में कटौती : केंद्र सरकार ने अपने टैक्स कलेक्शन को सीमित कर दिया है ताकि पंपों पर कीमतें स्थिर रहें।
- एक्सपोर्ट टैक्स : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचे मुनाफे के लालच में ईंधन बाहर भेजने वाली रिफाइनरियों पर भारी 'निर्यात शुल्क' (Export Tax) लगाया गया है।
- सप्लाई चेन मॉनिटरिंग : ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे, इसके लिए 24x7 निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है।
लॉकडाउन की अफवाहों पर सरकार का कड़ा रुख सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्रीय मंत्री ने देश में लॉकडाउन लगने की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिति अनिश्चित जरूर है, लेकिन भारत हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार के पास लॉकडाउन जैसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। हरदीप पुरी ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गैर-जिम्मेदाराना अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि ऐसी अफवाहें समाज में अनावश्यक डर पैदा कर हानिकारक साबित होती हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
