क्यों होती है यहाँ रावण की पूजा ; शहरे पर भी नहीं जलते पुतले
काकीनाडा में रावण को राक्षस नहीं बल्कि भगवान शिव का बड़ा भक्त माना जाता है। यहाँ दशहरे पर भी उनके पुतले का दहन नहीं किया जाता। श्रद्धालु उनकी वीरता, ज्ञान और भक्ति का सम्मान करने आते हैं।

काकीनाडा: जहाँ देश भर में दशहरे के अवसर पर रवफ़न के पुतलों का दहन किया जाता है, वहीं कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहाँ रावण को जलाना लोगों के लिए पाप सामान है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक कुछ ऐसे भी शहर और गाओं हैं जहाँ रावण पूजनीय है, जैसे बैजनाथ, बिसरख , मंदसौर और काकीनाडा। और इन सब जगहों की अपनी मान्यताएं हैं जिसके अनुसार ये रावण के पुतले को नहीं जलाते।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में रावण को भगवान शिव के भक्त में रूप में पूजते हैं। भारत के बाकी राज्यों की तरह यहाँ रावण को राक्षश नहीं मानते। काकीनाडा में उनको बहुत बड़े विद्वान और सबसे बड़ा शिव भक्त माना जाता है। ऐतिहासिक कहानियों के हिसाब से रावण ने , काकीनाडा में भगवान शिव के लिए कुंभाभिषेकम मंदिर का निर्माण किया था। और तब से यहाँ रावण की पूजा एक शिवलिंग के साथ की जाती है।
लोग यहाँ बड़े पैमाने पर इक्कठा होकर रावण की पूजा करते हैं और इस बात का प्रमाण देते हैं की वो शिव जी का कितना बड़ा भक्त था। ये मंदिर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए क्षेत्र में में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गया है। मंदिर में रोज़ाना भक्त दर्शन करने आते हैं, जिनमें अधिकतर लोग रावण की वीरता, ज्ञान और प्रशासनिक कौशल का सम्मान करने के लिए आते हैं।
काकीनाडा के अलावा उत्तर प्रदेश के बिख्सार में रावण के पुतले का दहन नहीं होता क्योंकि लोग उन्हें अपना वंशज मानते हैं। और उनके मुताबिक रावण का जन्म इसी जगह पर हुआ था इसलिए वे उससे पूजते हैं। हिमाचल के बैजनाथ में ये मान्यता है की यहीं पर रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अपनी घोर तपस्या की थी और यहाँ उनका दहन करने उनकी श्रद्धा का अपमान माना जाता है।
रावण के दुष्कर्मों को भले ही पुरे विश्व ने जाना है पर आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो उनकी भगवान शिव के प्रति भक्तिभाव, उनकी श्रद्धा, और ज्ञान को मानते हैं और सम्मान करते हैं। लोगों का उनको पूर्वज मानना कितना सच है और कितना झूठ इसका प्रमाण देना कठिन है पर उनके अपने भक्तिभाव को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
