Why Do People Love Dogs : इंसान और कुत्तों के बीच का रिश्ता सिर्फ पालतू और मालिक का नहीं है, बल्कि यह एक हजारों साल पुराने जैविक और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। चाहे गाय, भैंस या बिल्लियाँ हों, इंसान उनके साथ स्नेह साझा करता है, लेकिन कुत्तों के प्रति यह स्नेह एक अलग ही स्तर पर पहुँच जाता है। यह वही कुत्ता है जिसकी मासूम आंखें और सहज भाव इंसान के दिल को तुरंत छू जाते हैं, जिसकी खुशी और दुख इंसान के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

विज्ञान ने इस रहस्य को गहराई से समझने की कोशिश की है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की स्टडी के अनुसार पिल्लों का 8 से 12 हफ्तों का जीवनकाल सबसे संवेदनशील और सीखने वाला समय होता है। इसी दौरान वे मानव सुरक्षा और स्नेह के लिए सबसे अधिक आकर्षक दिखाई देते हैं। 2018 में एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने पुष्टि की कि इसी उम्र में पिल्ले क्यूटनेस के चरम पर होते हैं, ताकि प्राकृतिक रूप से इंसानों की सुरक्षा में आएं और जीवित रहने की संभावना बढ़े।

अध्ययनों में यह भी पाया गया कि कुत्तों ने अपनी आंखों के आसपास विशेष मांसपेशियां विकसित की हैं, जिससे उनकी भाव-भंगिमाएँ इंसानों को भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं। बड़ी-बड़ी आंखें, उठी हुई भौंहें और हल्की उदासी इंसान के मन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। एंथ्रोज़ूलॉजिस्ट ब्रैडशॉ के अनुसार, अगर पिल्ले शुरुआती समय में इंसानों से सुरक्षा अनुभव करते हैं, तो उनका स्वभाव स्वतः ही इंसानों के साथ गहरे बंधन की ओर बढ़ता है।

Why Do People Love Dogs

एमोरी यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट ग्रेगोरी बर्न्स के प्रयोग ने पहली बार वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किया कि कुत्तों का इंसानों के प्रति स्नेह वास्तविक है। एमआरआई स्कैन के दौरान कुत्तों के दिमाग का वह हिस्सा सक्रिय हुआ जो खुशी और सकारात्मक अनुभवों से जुड़ा होता है, खासकर जब उन्हें अपने मालिक की खुशबू महसूस हुई। इस प्रकार यह स्पष्ट होता है कि यह रिश्ता केवल एकतरफा नहीं है, बल्कि दोनों तरफ से भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।

कुत्तों और इंसानों के बीच यह गहरा जैविक और भावनात्मक बंधन साबित करता है कि मानव जीवन में कुत्ते सिर्फ पालतू नहीं, बल्कि एक ऐसा साथी हैं जो भावनाओं और विश्वास का अटूट स्रोत बन चुके हैं।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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