Ajit Pawar death update: महाराष्ट्र की राजनीति में जुलाई 2023 वह मोड़ साबित हुआ जिसने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को दो हिस्सों में बांट दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने अचानक अलग गुट बनाकर बीजेपी–शिवसेना (शिंदे गुट) सरकार में शामिल होकर सियासी हलचल तेज कर दी। लंबे समय तक इसे “विलय” कहा गया, लेकिन असल में यह मामला नेतृत्व, सत्ता और भविष्य की राजनीति से जुड़ा विभाजन था।

पार्टी विभाजन की सच्चाई

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, अजित पवार ने शरद पवार की पार्टी में विलय नहीं किया, बल्कि एनसीपी को दो गुटों में विभाजित किया।

एक गुट सत्ता में शामिल हुआ।

दूसरा गुट विपक्ष में रहकर पार्टी की संगठनात्मक और वैचारिक लड़ाई जारी रखता रहा।

अलग होने की प्रमुख वजहें

अजित पवार के इस कदम के पीछे कई राजनीतिक और रणनीतिक कारण माने जाते हैं:

सत्ता में हिस्सेदारी की चाह:

2019 के बाद एनसीपी लंबे समय तक सत्ता से बाहर रही। अजित पवार का मानना था कि सत्ता में रहकर ही संगठन और कार्यकर्ताओं को मजबूत रखा जा सकता है।

नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया को लेकर असंतोष:

पार्टी में फैसले सीमित दायरे में लिए जाने और युवा नेतृत्व को पर्याप्त अवसर न मिलने को लेकर मतभेद सामने आए।

विधायकों का समर्थन:

जुलाई 2023 में एनसीपी के 40 से अधिक विधायकों का अजित पवार के साथ जाना उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता दिखा।

जांच एजेंसियों का दबाव (चर्चा):

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों की कार्रवाई का दबाव एक कारण हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

शरद पवार का रुख

एनसीपी संस्थापक शरद पवार ने इस कदम को पार्टी की मूल विचारधारा से विचलन बताया। उनका कहना रहा कि एनसीपी की स्थापना बीजेपी की नीतियों के विरोध में हुई थी और उसी रास्ते पर चलना पार्टी की पहचान है।

चुनाव आयोग का फैसला

फरवरी 2024 में चुनाव आयोग ने एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ अजित पवार गुट को सौंप दिया, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए और अजित पवार को संगठनात्मक बढ़त मिल गई।

मौजूदा राजनीतिक स्थिति

वर्तमान में अजित पवार गुट सत्ता में रहते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहा है, जबकि शरद पवार गुट विपक्ष में रहकर पार्टी की वैचारिक लड़ाई लड़ रहा है। दोनों गुट अपनी-अपनी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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