कौन है 'मोहम्मद दीपक'? क्यों इसके नाम से संसद में मचा बवाल? जाने पूरी कहानी
उत्तराखंड के कोटद्वार में 'बाबा स्कूल ड्रेस' विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में आए 'मोहम्मद दीपक' (दीपक कश्यप) के खिलाफ बजरंग दल का भारी प्रदर्शन, पुलिस ने दर्ज की कई FIR। कांग्रेस ने सरकार पर नफरत फैलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, वहीं दीपक ने जताई जान का खतरा। जानिए इस पूरे विवाद की हर छोटी-बड़ी परत और ताजा स्थिति।

Kotdwar NH 119 blockade : देवभूमि के शांत पर्वतीय अंचल कोटद्वार में पिछले कुछ दिनों से जो कुछ भी घट रहा है, उसने न केवल राज्य की कानून-व्यवस्था बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 26 जनवरी की एक घटना, जिसमें एक हिंदू युवक एक मुस्लिम दुकानदार के हक में खड़ा हुआ, अब एक बड़े सांप्रदायिक और राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो चुकी है। खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताने वाले दीपक कुमार कश्यप आज न केवल चर्चा का विषय हैं, बल्कि भारी पुलिस सुरक्षा और कानूनी कार्यवाहियों के केंद्र में आ गए हैं।
विवाद की शुरुआत: 'बाबा' नाम पर संग्राम
घटना गणतंत्र दिवस के दिन शुरू हुई, जब कोटद्वार के पटेल रोड पर स्थित "बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर" पर बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता पहुँचे। उन्होंने 75 वर्षीय मुस्लिम दुकानदार, अहमद वकील पर दबाव बनाया कि वे अपनी दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटा दें। कार्यकर्ताओं का तर्क था कि यह नाम उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
इसी मोड़ पर जिम ट्रेनर दीपक कुमार कश्यप सामने आए। उन्होंने दुकानदार का बचाव किया और एक वीडियो में भावुक होकर खुद को 'मोहम्मद दीपक' कहा ताकि वे सांप्रदायिक एकता का संदेश दे सकें। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसने देहरादून से लेकर हरिद्वार तक के संगठनों को सक्रिय कर दिया।
तनाव का चरम: जब कोटद्वार छावनी में बदला
बीते शनिवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार से बजरंग दल के लगभग 150 कार्यकर्ता कोटद्वार पहुँच गए।
- हंगामा और घेराबंदी: कार्यकर्ताओं ने दीपक के जिम को घेर लिया, जमकर नारेबाजी की और नेशनल हाईवे (NH) जाम कर दिया।
- दीपक का आरोप: दीपक कश्यप ने आरोप लगाया कि भीड़ हथियारों के साथ आई थी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कहा कि उन्हें थाने में बिठा दिया गया जबकि उपद्रवी सड़क पर घंटों हंगामा करते रहे।
- पुलिस की कार्रवाई: पौड़ी के एसएसपी सर्वेश पंवार के अनुसार, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देहरादून से आए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज की है। साथ ही दुकानदार की शिकायत पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल :
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने मुख्य सचिव से बात कर दीपक को सुरक्षा देने की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में 'सनातन' के नाम पर अराजक तत्वों को सत्ताधारी दल का संरक्षण मिल रहा है। दूसरी ओर, बजरंग दल का कहना है कि पुलिस ने उनकी पहली तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश था।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
