Parliament Budget Session 2026 : भारतीय लोकतंत्र के उच्च सदन, राज्यसभा में गुरुवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट और तीखी बयानबाजी का एक नया अध्याय लिखा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने खड़े हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की नीतियों और नीयत पर चुन-चुनकर प्रहार किए। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान जब सदन का तापमान बढ़ा, तो विपक्षी सदस्यों ने सामूहिक रूप से वॉकआउट कर दिया। सदन के भीतर और बाहर छिड़ी यह जुबानी जंग अब देश की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा बन चुकी है।

"कब्र खोदने वालों" पर प्रधानमंत्री का भाषण' :

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस की हताशा को रेखांकित करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास की राजनीति के बजाय व्यक्तिगत नफरत पर उतर आया है।

  • सुरक्षा और साहस का जिक्र: पीएम ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि हमने अनुच्छेद 370 की दीवार गिराई, नॉर्थ ईस्ट में बम-बारूद के साये को खत्म किया और पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब दिया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और माओवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
  • सिख अपमान का मुद्दा: पीएम ने बीजेपी सांसद रवनीत बिट्टू का बचाव करते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिट्टू को 'गद्दार' कहना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिख समाज और गुरुओं का अपमान है।
  • सांस्कृतिक प्रहार: भूपेन हजारिका को 'महज एक गायक' बताने वाले मल्लिकार्जुन खरगे के पुराने बयानों को लेकर पीएम ने कहा कि कांग्रेस असम की संस्कृति और महान विभूतियों से नफरत करती है।

राहुल गांधी का पलटवार: "झूठ की शरण में मोदी जी"

सदन से वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण को सत्य से भागने की कोशिश करार दिया। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए लिखा— "बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे कि झूठ की शरण ले ली।" विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए असल मुद्दों पर जवाब देने के बजाय पुरानी बातों और नफरत भरी राजनीति का सहारा लिया।

सदन में 'स्टार्टअप' बनाम 'घरेलू संकट'

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के 'युवराज' (राहुल गांधी) पर निशाना साधते हुए स्टार्टअप कल्चर का जिक्र किया। उन्होंने कटाक्ष किया कि कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप को बढ़ावा नहीं दिया, और उनकी हालत ऐसी है कि वे अपने 'घर का स्टार्टअप' (पार्टी का नेतृत्व) भी ठीक से नहीं चला पा रहे हैं। इस बयान पर सदन में काफी हंगामा हुआ, जिसके बाद विपक्षी खेमे ने नारेबाजी करते हुए सदन का त्याग कर दिया।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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