रेलवे की जमीन पर बरसी प्रशासनिक बिजली, गोरेगांव-मालाड के बीच मलबे में तब्दील हुए अवैध निर्माण!
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गोरेगांव और मालाड के बीच हार्बर लाइन विस्तार के लिए 1500 वर्ग मीटर रेल भूमि को कराया गया मुक्त।

मुंबई के गोरेगांव इलाके में पश्चिम रेलवे द्वारा की जा रही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण को गिराती हुई पीली जेसीबी मशीन।
मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में पश्चिम रेलवे ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है। पश्चिम रेलवे द्वारा मुंबई के पश्चिमी उपनगरीय नेटवर्क के अंतर्गत आने वाले गोरेगांव और मालाड रेलवे स्टेशनों के मध्य स्थित रेल भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध ढांचों के खिलाफ एक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों और आदेशों के अनुपालन के तहत की जा रही इस कानूनी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य रेलवे की बेशकीमती संपत्तियों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराना है। इस अभियान के तहत भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध रूप से निर्मित दर्जनों पक्के और अस्थायी निर्माणों को जमींदोज करने की प्रक्रिया पूरी तत्परता के साथ संचालित की जा रही है।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार गोरेगांव और मालाड रेलवे स्टेशनों के बीच पूर्व दिशा की ओर स्थित रेलवे की लगभग 1,500 वर्ग मीटर की प्रमुख भूमि पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर लिया गया था। इस चिन्हित भूमि पर कुल 36 पक्के कंक्रीट के मकान और 24 अस्थायी झुग्गी-झोपड़ियों समेत कुल 60 अवैध ढांचे खड़े किए गए थे जो न केवल रेलवे की सुरक्षा के लिए खतरा थे बल्कि आगामी विकास परियोजनाओं के मार्ग में भी बड़ी बाधा बने हुए थे। तय योजना के तहत शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत सोमवार शाम तक प्रशासनिक अमले ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 26 पक्के अवैध निर्माणों को सफलतापूर्वक ध्वस्त कर दिया है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान पूरी तरह से पारदर्शी और कानून सम्मत तरीके से चलाया जा रहा है ताकि रेल संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
इस बड़े भूखंड को मुक्त कराए जाने के पीछे रेलवे की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी विकास योजना जुड़ी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस खाली कराई गई 1,500 वर्ग मीटर जमीन का उपयोग बहुप्रतीक्षित हार्बर लाइन के कांदिवली तक विस्तार के लिए किया जाएगा। वर्तमान में बढ़ती यात्री संख्या और उपनगरीय ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए इस रेल परियोजना का समय पर पूरा होना अनिवार्य माना जा रहा है। बुनियादी ढांचे के इस विकास से भविष्य में न केवल लोकल ट्रेनों की परिचालन क्षमता में भारी वृद्धि होगी, बल्कि पीक आवर्स के दौरान स्टेशनों पर उमड़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को कुशलतापूर्वक संभालने और नियंत्रित करने में भी रेलवे प्रशासन को व्यापक मदद मिलेगी।
इस बड़े पैमाने पर होने वाली तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध, कानून-व्यवस्था के संकट या अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा के बेहद कड़े और अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। अभियान स्थल पर मुंबई शहर पुलिस के 168 जवानों की भारी तैनाती के साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 25 चुनिंदा जवान और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के 65 जवान पूरी तरह से मुस्तैद रखे गए हैं। इनके सहयोग के लिए रेलवे के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक विभागों के 80 कुशल कर्मचारियों को भी मौके पर तैनात किया गया है। ध्वस्त किए गए ढांचों के मलबे को तत्काल प्रभाव से हटाने और रास्ता साफ करने के लिए 3 भारी जेसीबी मशीनों और 3 डंपर वाहनों का निरंतर उपयोग किया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगम रेल विकास के हित में आने वाले दिनों में भी मुंबई के अन्य हिस्सों में ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाइयां निरंतर जारी रखी जाएंगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
