West Bengal Election 2026 Phase 2 : पश्चिम बंगाल की सियासी फिजाओं में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव अपने चरम पर है, जहाँ राज्य के अंतिम और निर्णायक चरण के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हुगली की ऐतिहासिक गलियों से लेकर कोलकाता के व्यस्त चौराहों तक, सुबह की पहली किरण के साथ ही मतदाताओं की लंबी कतारें इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि बंगाल का भविष्य लिखने के लिए जनता कितनी आतुर है। राज्य की कुल 142 विधानसभा सीटों पर आज का यह मतदान केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर काबिज होने की अंतिम जंग है, जिसमें 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1,448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद कर रहे हैं। इस चरण में राजधानी कोलकाता सहित दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, नादिया, हुगली, हावड़ा और पूर्व बर्धमान जैसे महत्वपूर्ण जिलों में मतदान हो रहा है, जहाँ तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व रहा है।

चुनाव की शुरुआत अलसुबह मॉक पोलिंग के साथ हुई, जिसमें कोलकाता साउथ के बालीगंज से लेकर दक्षिण 24 परगना के कैनिंग तक भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। जैसे ही सुबह के सात बजे, समूचे बंगाल में मतदान केंद्रों के द्वार खुल गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक ने जनता से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से लोकतंत्र को जीवंत बनाने का आह्वान किया, वहीं अमित शाह ने 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को दोहराते हुए सुरक्षा और विकास के नाम पर वोट मांगा। दूसरी ओर, बिहार के कद्दावर नेता तेजस्वी यादव ने ममता बनर्जी की जीत का अटूट विश्वास जताते हुए कहा कि बंगाल की जनता एक बार फिर अपनी 'दीदी' को सत्ता की कमान सौंपने के लिए तैयार है।

मैदान-ए-जंग में आज सबसे बड़ी और हाई-प्रोफाइल लड़ाई भवानीपुर सीट पर देखने को मिल रही है, जहाँ खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बीच प्रतिष्ठा का सीधा मुकाबला है। भवानीपुर की गलियों में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल है। ममता बनर्जी ने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा करते हुए निर्वाचन आयोग और पुलिस पर्यवेक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए कि वे भारतीय जनता पार्टी के इशारों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि बाहर से आए पर्यवेक्षक मतदाताओं में भय पैदा कर रहे हैं, लेकिन बंगाल की जनता किसी से डरने वाली नहीं है। वहीं शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए दावा किया कि सभी हिंदू मतदाता भाजपा के पक्ष में एकजुट हैं और उन्होंने जीत की कामना के साथ मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

सियासी दांव-पेच के बीच हिंसा और तकरार की खबरें भी छनकर बाहर आ रही हैं। नादिया के छपरा में भाजपा के बूथ एजेंट पर तृणमूल कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले की खबर ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जिस पर भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसी तरह, कोलकाता की एंटली सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रियंका टिबरेबाल की निर्वाचन अधिकारियों से तीखी बहस हुई, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा और टीएमसी दोनों के एजेंटों को केंद्र से बाहर करना पड़ा। बसंती निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार बिकाश सरदार की कार पर हुए हमले और बारानगर में बारिश के बावजूद वोटिंग के लिए डटे लोगों की तस्वीरें बंगाल चुनाव की जटिलता और जुनून को दर्शाती हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज घटना की पीड़िता के माता-पिता का भावुक होकर न्याय के लिए वोट डालना इस चुनाव को एक मानवीय और संवेदनशील मोड़ भी दे रहा है।

निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसका प्रमाण राज्य भर में तैनात 2.40 लाख से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान हैं। हालाँकि, राष्ट्रीय जनता दल ने इतनी बड़ी संख्या में सैन्य बलों की तैनाती पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया है। मतदान के आंकड़ों पर गौर करें तो सुबह 11 बजे तक राज्य में लगभग 39.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जिसमें पूर्व बर्धमान और हुगली जैसे जिले सबसे आगे चल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के 'क्लीन स्वीप' के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 2021 की तरह इस बार भी भाजपा के तमाम दावे धरे के धरे रह जाएंगे।

जैसे-जैसे सूरज चढ़ रहा है, बंगाल का सियासी तापमान भी बढ़ता जा रहा है। शाम छह बजे तक चलने वाला यह मतदान तय करेगा कि क्या ममता बनर्जी अपने अभेद्य दुर्ग की रक्षा कर पाएंगी या फिर भाजपा का 'सोनार बांग्ला' का नारा दक्षिण बंगाल के इस गढ़ में सेंध लगाने में सफल होगा। 2021 के चुनावों में तृणमूल ने इन 142 सीटों में से 123 पर जीत दर्ज की थी, जो आज उनके लिए सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। अंततः, आज का यह विशाल मतदान शांति और विवादों के साये के बीच बंगाल की भावी राजनीति की एक नई पटकथा लिख रहा है, जिसका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति के पटल पर भी महसूस किया जाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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