प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के समुद्री क्षेत्र में निवेश को लेकर एक बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक निवेशकों के लिए एक “आदर्श समुद्री गंतव्य” के रूप में उभर रहा है। पीएम मोदी ने अपने LinkedIn पोस्ट में लिखा कि भारत की लंबी तटरेखा, आधुनिक बंदरगाह अवसंरचना और नवाचार की भावना मिलकर देश को दुनिया का ‘मरीन हब’ बना रही हैं।


पीएम मोदी ने कहा, “हमारे पास 7,500 किलोमीटर से अधिक लंबी तटरेखा है, विश्वस्तरीय बंदरगाह हैं और सबसे अहम मजबूत इरादा और विज़न है। भारत निवेश के लिए तैयार है।” उन्होंने घरेलू और विदेशी निवेशकों से अपील की कि वे भारत की इस ‘समुद्री विकास गाथा’ का हिस्सा बनें, जो बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और हरित पहल पर आधारित है।


प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि भारत न सिर्फ कनेक्टिविटी और व्यापार में, बल्कि जहाज निर्माण, लॉजिस्टिक्स, तटीय शिपिंग और ग्रीन पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की नीतियां निवेशकों के लिए अनुकूल हैं और सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाना है।


पीएमओ की ओर से जारी बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री का यह संदेश उस समय आया है जब भारत अपने ‘ब्लू इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। यह पहल न केवल आर्थिक विकास बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।


पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर भी अपने विचार साझा करते हुए लिखा “समुद्री क्षेत्र में निवेश करना हो तो भारत के पास आदर्श बंदरगाह है। हमारी तटरेखा लंबी है, हमारे पास विश्वस्तरीय पोर्ट्स, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की शक्ति है। आइए, भारत में निवेश करें!”

प्रधानमंत्री का यह संदेश भारत की उस महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जिसके तहत देश आने वाले वर्षों में ‘वैश्विक समुद्री पावर’ बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। भारत का उद्देश्य सिर्फ व्यापारिक लाभ नहीं, बल्कि टिकाऊ समुद्री भविष्य की नींव रखना है जहां विकास, पर्यावरण और अवसर एक साथ आगे बढ़ें।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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