थलपति का 'गोल्ड' वादा और मोदी की 'नो गोल्ड' अपील:मुख्यमंत्री विजय के 'सोने' वाले वादे के सामने बड़ी चुनौती|
मुख्यमंत्री विजय ने सत्ता संभालते ही सुरक्षा टास्क फोर्स बनाई, लेकिन प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील ने चुनावी वादों पर वित्तीय संकट खड़ा किया।

तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री थलपति विजय चेन्नई में शपथ ग्रहण के उपरांत आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर प्रशासनिक कार्यभार संभालते हुए।
चेन्नई और नई दिल्ली के गलियारों में इस समय एक अनूठी राजनीतिक और आर्थिक स्थिति उत्पन्न हो गई है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज और तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। सत्ता संभालते ही उन्होंने प्रशासनिक सक्रियता दिखाते हुए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं और सुरक्षा संबंधी कड़े फैसले लिए हैं। हालांकि, उनके मुख्यमंत्री बनते ही राज्य के चुनावी वादों और केंद्र की राष्ट्रीय आर्थिक सलाह के बीच एक वैचारिक टकराव की स्थिति दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अस्थिरता के बीच देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक वर्ष तक सोना न खरीदने का विशेष आग्रह किया है, जबकि विजय के प्रमुख चुनावी वादों में राज्य की महिलाओं को सोना उपहार में देना शामिल है।
मुख्यमंत्री विजय ने अपनी प्रशासनिक पारी की शुरुआत महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'सिंगप्पन स्पेशल टास्क फोर्स' के गठन के साथ की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शासन को सुव्यवस्थित करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पी. सेंथिल कुमार और जी. लक्ष्मी प्रिया को अपना प्रशासनिक सलाहकार नियुक्त किया है। उनकी पार्टी टीवीके ने रविवार को सत्ता में आने के साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और बिजली बिलों में राहत देने जैसे अपने प्रमुख घोषणापत्र बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में राज्य प्रशासन ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए विशेष इकाइयों की स्थापना की है, जो विजय की प्राथमिकता को स्पष्ट करता है।
इस प्रशासनिक सक्रियता के समानांतर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक जनसभा के दौरान देश की आर्थिक संप्रभुता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालात का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय संकटों का बोझ जनता पर नहीं पड़ने देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने नागरिकों से 'देशभक्ति' की अपील करते हुए कहा कि सोने के आयात में बहुत अधिक विदेशी मुद्रा खर्च होती है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि आगामी एक वर्ष तक पारिवारिक कार्यक्रमों में भी सोने की खरीद से बचा जाए ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सके। यह अपील सीधे तौर पर उन चुनावी वादों के विपरीत खड़ी नजर आती है जहाँ सोने के वितरण की बात कही गई है।
थलपति विजय के चुनावी घोषणापत्र में शादी के लिए लड़कियों को 8 ग्राम सोना और रेशम की साड़ी देने का आकर्षक वादा किया गया था। इसके साथ ही, प्रत्येक नवजात बच्चे को सोने की अंगूठी देने का भी संकल्प लिया गया था। आर्थिक विशेषज्ञों का आकलन है कि यदि मुख्यमंत्री विजय अपने इन 'गोल्ड वादों' सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं जैसे हर महीने महिलाओं को 2,500 रुपये और मुफ्त एलपीजी सिलेंडर को पूरी तरह लागू करते हैं, तो तमिलनाडु के खजाने पर सालाना लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह राशि राज्य के कुल कर राजस्व का लगभग 50 प्रतिशत है। पांच वर्षों के कार्यकाल में यह खर्च 4.5 लाख करोड़ रुपये तक जा सकता है, जो राज्य की राजकोषीय स्थिति के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
मौजूदा परिस्थितियों में तमिलनाडु सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर मुख्यमंत्री को जनता से किए गए अपने 'सोने' के वादे को निभाना है, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री द्वारा की गई आर्थिक अपील और राज्य के वित्तीय स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना है। अर्थशास्त्रियों का सुझाव है कि नई योजनाओं को लागू करने से पहले लाभार्थियों की पहचान के लिए सख्त ऑडिट की आवश्यकता होगी ताकि खर्चों को तर्कसंगत बनाया जा सके। राज्य में सत्ता का यह नया अध्याय अब जन-कल्याण और राजकोषीय अनुशासन के बीच एक सूक्ष्म संतुलन की परीक्षा लेगा, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
