बुधवार की शाम वेनेजुएला के लिए एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण समय लेकर आई, जब राजधानी काराकस सहित कई क्षेत्रों में एक मिनट के भीतर दो शक्तिशाली भूकंपों ने दस्तक दी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र याराकुय राज्य के सैन फेलिप में स्थित था। इस झटके के ठीक 39 सेकंड बाद, 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी भूकंप महसूस किया गया। इस दूसरे भूकंप का केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में दर्ज किया गया, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी।

इन भूकंपीय घटनाओं ने देश में व्यापक स्तर पर तबाही मचाई है। राजधानी काराकस में कई इमारतें पूरी तरह से ढह चुकी हैं, जिससे मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर पेट्रोल की आपूर्ति को फिलहाल बंद कर दिया गया है ताकि गैस रिसाव या किसी अन्य प्रकार की अनहोनी को टाला जा सके। वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने नागरिकों को अपने घरों से बाहर निकलने के निर्देश दिए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया है।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने इन भूकंपों के परिणामों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में 10,000 से अधिक लोगों की मृत्यु होने की 44 प्रतिशत संभावना है, जबकि 1 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका 30 प्रतिशत तक आंकी गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो के जियोफिजिसिस्ट वाशन राइट के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक आफ्टरशॉक्स महसूस किए जाने की प्रबल संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले झटकों की तीव्रता 3 से 4 के बीच रह सकती है, और मैग्नीट्यूड 5 तक पहुंचने की 90 प्रतिशत संभावना बनी हुई है।

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो और नेशनल असेंबली के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज के साथ मिलकर उन्होंने स्थिति की समीक्षा की है। सरकार ने इस आपातकालीन स्थिति से निपटने और राहत कार्यों की देखरेख के लिए एक जनरल को नियुक्त किया है। राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने देशवासियों से एकता बनाए रखने की अपील की है और उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खो दिया है।

ऐतिहासिक रूप से भी वेनेजुएला भूकंपीय रूप से संवेदनशील रहा है। वर्ष 1967 में 6.6 तीव्रता के एक विनाशकारी भूकंप ने काराकस को हिलाकर रख दिया था, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी। उस समय भी पालोस ग्रांडेस और अल्तामिरा जैसे महत्वपूर्ण इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए थे, और दुर्भाग्यवश बुधवार को आए भूकंपों ने उन्हीं क्षेत्रों में पुनः भारी नुकसान पहुँचाया है। सरकार का मुख्य ध्यान वर्तमान में बचाव कार्य और प्रभावितों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने पर केंद्रित है। इस आपदा ने एक बार फिर देश की आपदा प्रबंधन क्षमताओं की कठोर परीक्षा ली है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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