तिरुवनंतपुरम। दक्षिण भारतीय सूबे केरल की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव हो चुका है। सूबे में पिछले एक दशक से जारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी एलडीएफ के शासन चक्र को तोड़ते हुए यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने सत्ता में अपनी शानदार और निर्णायक वापसी दर्ज की है। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और गरिमापूर्ण समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेता वीडी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक पल के गवाह देश के कई शीर्ष राजनेता बने, जिसने इस सियासी घटनाक्रम को राष्ट्रीय फलक पर एक नई सुर्खी दे दी। एक दशक बाद यूडीएफ की सत्ता में यह वापसी दक्षिण भारत में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए संजीवनी के समान मानी जा रही है।

शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ। इस समारोह की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंच पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से मौजूद रहीं। इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई, जिसे स्थानीय संस्कृति का सम्मान करते हुए मलयालम भाषा में गाया गया और इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान जन गण मन के साथ पूरी औपचारिकताएं आगे बढ़ीं। मंच पर राष्ट्रीय नेताओं के साथ-साथ विपक्षी एकता की झलक भी देखने को मिली।

वीडी सतीशन के साथ कुल बीस अन्य नवनिर्वाचित विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे अब मुख्यमंत्री सहित केरल की नई कैबिनेट कुल इक्कीस सदस्यीय हो गई है। इस नए राजनीतिक समीकरण के तहत मुख्य घटक दल कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद सहित कुल ग्यारह मंत्री पद मिले हैं। मंत्रियों की इस सूची में कांग्रेस के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ चेहरे शामिल किए गए हैं, जिनमें रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और केपीसीसी प्रमुख सन्नी जोसेफ जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा गठबंधन के दूसरे सबसे बड़े सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल को भी कैबिनेट में मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है।

आईयूएमएल के कोटे से पांच मंत्रियों को इस नई सरकार में जगह दी गई है, जिनमें पीके कुन्हालीकुट्टी, पीके बशीर, एन. शमसुद्दीन, केएम शाजी और वीई अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही गठबंधन की आंतरिक व्यवस्था के अनुसार यह भी तय किया गया है कि कुट्टियाडी निर्वाचन क्षेत्र के विधायक परक्कल अब्दुल्ला को ढाई साल के कार्यकाल के बाद कैबिनेट का हिस्सा बनाया जाएगा। इस साझा मंत्रिमंडल में अन्य प्रमुख दलों के नेताओं को भी शामिल किया गया है, जिनमें मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सीपी जॉन, एपी अनिल कुमार, टी. सिद्दीकी, पीसी विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिजू, केए तुलसी और ओजे जनीश शामिल हैं। शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने जनता की उम्मीदों पर पूरी निष्ठा से खरा उतरने का संकल्प दोहराया है।

विधायिका के सुचारू संचालन के लिए आधिकारिक नियुक्तियों की भी घोषणा कर दी गई है। कांग्रेस के अत्यंत वरिष्ठ और संसदीय कार्य प्रणाली के जानकार नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से केरल विधानसभा का नया अध्यक्ष यानी स्पीकर मनोनीत किया गया है, जबकि शानिमोल उस्मान सदन की उपाध्यक्ष यानी डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके साथ ही विधायी कार्यों में समन्वय और अनुशासन बनाए रखने के लिए विधायक अप्पू जॉन जोसेफ को नई सरकार का मुख्य सचेतक यानी चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है। कानूनी और आधिकारिक रूप से इस नई व्यवस्था ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही अपना काम संभाल लिया है।

इस भव्य राजनीतिक आयोजन में देश के कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समारोह में शामिल होकर नए मुख्यमंत्री को बधाई दी। लोकतांत्रिक मर्यादाओं की एक खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब केरल के निवर्तमान मुख्यमंत्री और एलडीएफ के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन भी इस समारोह में शामिल होने के लिए मंच पर पहुंचे और उन्होंने नई सरकार को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। समारोह से ठीक पहले जैकोबाइट सीरियन क्रिश्चियन चर्च के प्रमुख ने भी वीडी सतीशन के कैंटोनमेंट हाउस स्थित आवास पर जाकर उन्हें बधाई दी थी।

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के इस निर्णायक जनादेश ने राज्य की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह बदल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि नई सरकार बिना किसी विलंब के अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करना शुरू कर देगी। यूडीएफ की यह जीत और वीडी सतीशन का मुख्यमंत्री बनना केरल की जनता द्वारा व्यवस्था परिवर्तन और नए नीतिगत विकास के पक्ष में दिया गया एक स्पष्ट संदेश है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में राज्य की सामाजिक और आर्थिक नीतियों पर साफ दिखाई देगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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