नवरात्रि 2025 में अगर गरबा की असली धूम देखनी है तो वडोदरा का शाही आयोजन – लक्ष्मी विलास पैलेस गरबा (LVP Garba 2025) – किसी सपने से कम नहीं। दुनिया के सबसे बड़े प्राइवेट पैलेस की भव्य पृष्ठभूमि में जब हजारों लोग पारंपरिक संगीत पर थिरकते हैं, तो यह सिर्फ गरबा नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और शाही ठाट-बाट का जीवंत संगम बन जाता है। लक्ष्मी विलास पैलेस का गरबा हर साल सिर्फ गुजरात ही नहीं बल्कि दुनियाभर के गरबा प्रेमियों का एक बड़ा आकर्षण बन चुका है।




LVP Garba Ground


लक्ष्मी विलास पैलेस गरबा का ऐतिहासिक और शाही महत्व

लक्ष्मी विलास पैलेस, महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ III द्वारा बनवाया गया, इंडो-सारसेनिक शैली में बना एक भव्य महल है। इसके विशाल हॉल, भव्य झरोखे और राजसी सजावट इसे सिर्फ एक आयोजन स्थल नहीं बल्कि शाही अनुभव बनाते हैं। गरबा खेलते समय उपस्थित लोग न केवल नृत्य का आनंद लेते हैं, बल्कि इतिहास और विरासत में भी डूब जाते हैं।




Heritage Garba की अनोखी विशेषताएँ

- सिर्फ पारंपरिक गरबा गीतों पर लाइव नृत्य

- स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और प्रतिभागियों की भागीदारी

- आधुनिक लाइटिंग और साउंड सिस्टम के साथ सांस्कृतिक अनुभव




बोलतो आम्बो: लक्ष्मी विलास पैलेस (LVP) हेरिटेज गरबा का विशेष 'पेड़'

हर साल, महिलाएं अपनी आवाज उठाने और एक लक्ष्मी विलास पैलेस (LVP) हेरिटेज गरबा में महिलाओं द्वारा किए जाने वाले पहले कार्यों में से एक है वहाँ मौजूद एक बड़े आम के पेड़ के पास जाना। वे एक कागज़ का टुकड़ा उठाती हैं, उस पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा से लेकर कई और सामाजिक और रोजमर्रा की जिंदगी के मुद्दे को लेकर अपनी भावनाएँ लिखती हैं और उसे उस पेड़ पर टांग देती हैं, जिसे ‘बोलतो अम्बो’ (बोलता आम का पेड़) कहा जाता है।

यह पहल आयोजकों द्वारा की गई है ताकि महिलाएँ अपने मन की बात खुलकर रख सकें और अपने अनुभव साझा कर सकें। सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि अब सभी लोग इस पेड़ पर अपने विचार लिखने लगे हैं।

आयोजकों का कहना है कि गरबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम सामाजिक मुद्दों को उठाने का एक मंच बन सकते हैं। पिछले साल, LVP गरबा आयोजकों ने LGBTQIA समुदाय की समावेशिता को थीम बनाया था और इसके कई सदस्य मंच पर गरबा प्रस्तुत कर चुके थे।


बोलतो आम्बो: लक्ष्मी विलास पैलेस (LVP) हेरिटेज गरबा का विशेष 'पेड़'








ट्रेंड और लोकप्रियता

सोशल मीडिया पर यह आयोजन हमेशा चर्चा में रहता है। टिकट्स महंगे होने के बावजूद इसे स्टेटस सिंबल माना जाता है। शाही महल की पृष्ठभूमि में हजारों लोगों के साथ नवरात्रि का उत्सव मनाना इसे हर गरबा प्रेमी के लिए यादगार बनाता है। यहाँ न केवल नृत्य बल्कि इतिहास, संगीत और संस्कृति का एक संपूर्ण अनुभव मिलता है। बारिश प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और हाई-टेक लाइटिंग-साउंड जैसी सुविधाएँ इसे व्यवस्थित और आरामदायक बनाती हैं। हर साल आयोजक इसे और बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्थाएँ करते हैं।




राधिकाराजे गायकवाड़, बड़ौदा की महारानी, गरबा आरती के दौरन

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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