भोपाल में जमीन विवाद ने लिया धार्मिक रंग, मंदिर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से पूर्व मुख्य सचिव की बहू के खिलाफ FIR की मांग|
भोपाल की एक हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में पाथवे निर्माण विवाद के दौरान पूर्व सीएस की बहू उजमा रजा द्वारा मंदिर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर रहवासियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

आम्रपाली एन्क्लेव भोपाल में पाथवे निर्माण विवाद के दौरान उजमा रजा और रहवासियों के बीच हुई बहस का दृश्य दर्शाया गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित आम्रपाली एन्क्लेव रहवासी सोसाइटी में पूर्व मुख्य सचिव एबी सिंह की बहू उजमा रजा उर्फ अंजली सिंह और सोसाइटी के रहवासियों के बीच पाथवे के निर्माण को लेकर विवाद गरमा गया है। यह पूरी घटना 24 जुलाई की है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज और स्थानीय लोगों की शिकायतों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोसाइटी पार्क से मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर पाथवे का निर्माण किया जा रहा था। इसी रास्ते के पास उजमा रजा की गाड़ी पार्क होती है, जिसके चलते वह निर्माण कार्य का विरोध कर रही थीं। उनका कहना था कि यह जमीन उनकी है, जबकि सोसाइटी के पदाधिकारियों और रहवासियों का स्पष्ट दावा था कि यह पूरी जमीन सोसाइटी की कॉमन प्रॉपर्टी है।
विवाद बढ़ने पर स्थिति तब और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। सोसाइटी के लोगों ने जब उजमा रजा से उनकी बात के समर्थन में जमीन के कानूनी कागजात दिखाने की मांग की, तो मामला और बिगड़ गया। बहस के दौरान स्थिति अनियंत्रित हो गई और उजमा रजा ने सोसाइटी परिसर में स्थित मंदिर को लेकर बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। वहां मौजूद महिलाओं और अन्य रहवासियों ने जब उन्हें मंदिर पर इस तरह की टिप्पणी करने से रोका, तो उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए मंदिर को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे वहां मौजूद लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। रहवासियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का आचरण सामने आया है, बल्कि लगातार मंदिर के संदर्भ में ऐसी बातें कही जा रही हैं।
इस घटना के बाद से आम्रपाली एन्क्लेव के रहवासियों में भारी रोष व्याप्त है। सभी रहवासियों ने एकजुट होकर चूना भट्टी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने मांग की है कि सनातन धर्म की आस्था को ठेس पहुंचाने और सार्वजनिक रूप से माहौल बिगाड़ने के लिए उजमा रजा के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय पुलिस ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें रहवासियों की तरफ से सामूहिक शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे विवाद के केंद्र में रहीं अंजली सिंह रातापानी जंगल रिसॉर्ट की मालकिन हैं और एक व्यवसायी के रूप में भी जानी जाती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और लगे आरोपों पर उनकी तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पक्ष सामने नहीं आया है। हाई-प्रोफाइल सोसाइटी से जुड़ा होने और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के परिवार का नाम आने के कारण यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस इस मामले में कानूनी पहलुओं को टटोल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन के मालिकाना हक का विवाद क्या था और मंदिर पर की गई टिप्पणियों के संबंध में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
