US Iran War 2026 : वैश्विक शांति अब बारूद के ढेर पर खड़ी नजर आ रही है। इस्लामाबाद में आयोजित शांति वार्ता के विफल होते ही दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति और ईरान के बीच टकराव उस मुकाम पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी की राहें लगभग बंद दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की पूर्ण सैन्य नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। अमेरिकी नौसेना के आधिकारिक वक्तव्य के अनुसार, भारतीय समयानुसार आज शाम 7:30 बजे से इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा संकट मंडराने लगा है।

इस भीषण तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आग में घी डालने वाला बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि ईरान के विरुद्ध उनका अभियान रुकने वाला नहीं है और किसी भी क्षण वर्तमान सीजफायर औपचारिक रूप से समाप्त हो सकता है। नेतन्याहू ने लेबनान सीमा के अग्रिम मोर्चों से लौटते हुए हुंकार भरी कि इजरायली सेना दुश्मन को अपनी सीमाओं से दूर धकेल रही है और आतंकी बुनियादी ढांचे को जड़ से उखाड़ने तक चैन से नहीं बैठेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इजरायल अपने हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सैन्य कार्रवाई करने को प्रतिबद्ध है।

इस्लामाबाद वार्ता की विफलता के पर्दे के पीछे की कहानी साझा करते हुए नेतन्याहू ने खुलासा किया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित किया था कि ईरान समझौते की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर रहा है। अमेरिका ने ईरान के इस अड़ियल रुख को बर्दाश्त करने के बजाय आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ाने का विकल्प चुना है। इसी के परिणामस्वरूप राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में उन तमाम जहाजों को रोकने और ज़ब्त करने का निर्देश दिया है जिन्होंने वहां से गुजरने के लिए ईरान को सुरक्षा शुल्क या टैक्स का भुगतान किया है।

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की इस चुनौती को युद्ध का खुला निमंत्रण करार दिया है। तेहरान ने जवाबी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि उसके बंदरगाहों पर कोई भी आंच आती है, तो फारस की खाड़ी या ओमान की खाड़ी में स्थित किसी भी देश का बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। इस धमकी ने क्षेत्र के अन्य खाड़ी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नाकेबंदी प्रभावी होती है, तो यह आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा समुद्री संघर्ष बन सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज के संकरे रास्ते पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और ईरान की मिसाइल यूनिट्स की हलचल एक भीषण वैश्विक संकट का स्पष्ट संकेत दे रही हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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