अमेरिका के एक प्रमुख राज्य यानी इलिनोइस में एक मंदिर को निशाना बनाकर लोगों को गोलीबारी का शिकार बनाने की एक बड़ी और खौफनाक कोशिश को पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एक 19 वर्षीय युवा लड़के ने मंदिर को विशेष रूप से निशाना बनाकर एक सामूहिक गोलीबारी करने की एक गहरी साजिश रची थी। स्थानीय पुलिस ने जब आरोपी की छानबीन की तो उसके पास से एक राइफल, सैकड़ों की संख्या में गोलियां, एक बॉडी शील्ड और एक विशेष मेनिफेस्टो बरामद किया है। इस बरामद किए गए मेनिफेस्टो में मुख्य रूप से श्वेत वर्चस्ववाद और भारतीय मूल के नागरिकों व लोगों के प्रति शत्रुता और नफरत भरी बातें दर्ज हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक दावों के अनुसार, आरोपी इस खौफनाक घटना को अंजाम देकर दर्जनों निर्दोष लोगों की हत्या करने के बिल्कुल करीब पहुंच चुका था, लेकिन ठीक अंतिम वक्त पर उसकी राइफल में तकनीकी खराबी आने और उसके जाम हो जाने के कारण वह फायरिंग नहीं कर सका। यदि वह समय रहते गोलीबारी करने में पूरी तरह सफल हो जाता, तो एक बहुत ही बड़ी और अकल्पनीय त्रासदी घटित हो सकती थी। इस भीषण घटना में भारी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी, जिसके चलते इस घटना के टल जाने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और आम लोगों ने एक बड़ी राहत की सांस ली है।

यह गंभीर और संवेदनशील घटना ठीक उस समय घटी है जब देश में नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा था, और इस दौरान हजारों की संख्या में हिंदू श्रद्धालु गरबा खेलने तथा धार्मिक उत्सव मनाने के लिए एक साथ एकत्रित होते हैं। ऐसे पावन अवसर पर जानमाल का बहुत भारी नुकसान इस सुनियोजित घटना से हो सकता था। खास बात यह है कि यह पूरा मामला ओहियो राज्य में स्थित एक अन्य हिंदू मंदिर पर हुए हमले के ठीक दो सप्ताह बाद प्रकाश में आया है। इससे अमेरिका के भीतर भारतीय मूल के लोगों के विरुद्ध लगातार बढ़ती हुई नफरत और उसके एक खतरनाक ट्रेंड को साफ तौर पर देखा जा सकता है।

श्री वेंकटेश्वर मंदिर था मुख्य निशाने पर

इलिनोइस राज्य के ऑरोरा शहर में स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर इस हमलावर के मुख्य निशाने पर था। इस मंदिर को निशाना बनाकर की जाने वाली सामूहिक गोलीबारी की इस आपराधिक साजिश की आगे की जांच अब अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा की जाएगी।

बंदूक जाम होने से टल गई बड़ी अनहोनी

इलिनोइस के ही पैलेटाइन इलाके में टाको बेल में कैशियर के तौर पर काम करने वाले एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस पर आतंकवादी किस्म की धमकी देने और अवैध रूप से हथियार अपने पास रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपी के साथ काम करने वाले अन्य सहकर्मियों ने पुलिस को पूछताछ में यह जानकारी दी कि उन्हें पैपोराकिस की तरफ से कुछ बेहद चिंताजनक और संदेहास्पद संदेश मिले थे। इन संदेशों के भीतर एक ऐसा दस्तावेज भी शामिल था जिसमें मास शूटिंग यानी बड़े पैमाने पर गोलीबारी की योजना का पूरा ब्योरा दिया गया था।

अभियोजकों ने अदालत के समक्ष यह बात रखी कि रविवार के दिन पैपोराकिस ने अपने एक सहकर्मी को फोन किया और उसे बताया कि उसकी बंदूक अचानक जाम हो गई है और वह बिना किसी की नजर में आए बहुत तेजी से उस जगह से फरार हो गया है। आरोपी को अदालत के समक्ष पेश किए जाने के बाद, बुधवार को न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया कि पैपोराकिस को मुकदमे की शुरुआत होने से पहले तक जेल के भीतर ही रहना होगा। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उसे अब आगामी 30 अक्टूबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाना है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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