अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक बड़ी सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान के 5 तेल टैंकरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आदेश पर की गई है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पिछले दो दिनों में ईरान की तरफ से अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने की दो बार कोशिश की गई थी, जिसके बाद यह जवाबी कदम उठाया गया। अमेरिकी सेना ने जिन 5 तेल टैंकरों को निशाना बनाया, उनमें से चार टैंकर ओमान की खाड़ी में और एक टैंकर खर्ग द्वीप के पास मौजूद था। अमेरिकी सेना ने हमला करने से पहले इन जहाजों पर मौजूद क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका दिया था और उन्हें जहाज छोड़ने के निर्देश दिए थे।

यह सैन्य कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस दोहरी आर्थिक और सैन्य रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के इलाकों को नियंत्रित करने, कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी बनाए रखने पर जोर दे रहा है। इससे पहले बीते शनिवार को भी अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को तबाह कर दिया था, क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डेस्ट्रॉयर पर हमला करने की कोशिश की थी। अमेरिका ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को पूरी तरह खत्म कर देगा।

इस बड़े हमले के बाद ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए बदला लेने की कसम खाई है। ईरान के सरकारी मीडिया और टीवी ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि दक्षिणी बंदरगाह जास्क और फारस की खाड़ी में खर्ग द्वीप के पास ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है। इसके जवाब में ईरान के IRGC ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों को निशाना बनाने की सीधी धमकी दी है। IRGC ने इन देशों के बंदरगाहों या लंगर पर खड़े जहाजों के क्रू सदस्यों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत अपने जहाजों को छोड़ दें, क्योंकि कुवैत और बहरीन आतंकवादियों को पनाह देते हैं और अमेरिका की शत्रुतापूर्ण हरकतों में भागीदार हैं।

तनाव का दायरा यहीं नहीं रुका, बल्कि सीरियाई सरकारी टीवी के अनुसार ईरानी मिसाइलों को पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ बढ़ते हुए और रास्ते में रोके जाते हुए देखा गया है। IRGC ने यह स्वीकार किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस को निशाना बनाया है, जो अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक बेहद अहम सैन्य ठिकाना है। इन लगातार हमलों और धमकियों के चलते दोनों देश एक बार फिर खुली लड़ाई की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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