मक्का डिफेंस अलायंस पर ख्वाजा आसिफ का बड़ा दावा,क्या हूतियों के खिलाफ जंग में उतरेंगे पाकिस्तान और तुर्की?
सऊदी अरब पर बढ़ते हूती हमलों के बीच पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मक्का डिफेंस पैक्ट को लागू करने का बड़ा ऐलान किया है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक टीवी साक्षात्कार के दौरान मक्का डिफेंस पैक्ट और सऊदी अरब की सुरक्षा पर बात करते हुए।
इस्लामाबाद से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को एक बयान देते हुए कहा है कि 'मक्का रक्षा गठबंधन' (Makkah Defence Alliance) अब लागू होने की स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने यह बात सऊदी अरब पर हो रहे हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच एक निजी टीवी कार्यक्रम 'आज शाहजेब खानजादा के साथ' में कही। इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आने वाले समय में पाकिस्तान और तुर्की हूतियों के खिलाफ जंग में उतरेंगे?
क्या है मक्का डिफेंस पैक्ट और ख्वाजा आसिफ का दावा?
कार्यक्रम के दौरान बातचीत करते हुए ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए मक्का डिफेंस अलायंस का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तीनों देशों के बीच एक-दूसरे की रक्षा करने का एक 'दुनियावी समझौता' है, जो हर हालात में लागू रहेगा।
इस आपसी समझौते के तहत तय किया गया है कि यदि तीनों देशों में से किसी एक पर भी कोई हमला होता है, तो बाकी के दोनों देश मिलकर उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस समझौते को लेकर उनके मन में 'बिल्कुल भी कोई अस्पष्टता नहीं है' और यह नियम पाकिस्तान पर भी पूरी तरह लागू होता है।
धार्मिक कर्तव्य और पवित्र स्थलों की सुरक्षा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अपने बयान में केवल राजनीतिक या रणनीतिक समझौतों तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि उन्होंने इस्लाम के पवित्र स्थलों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने मक्का और मदीना के पवित्र शहरों की रक्षा करने का कड़ा संकल्प लिया।
ख्वाजा आसिफ ने इसे एक 'शाश्वत समझौता' बताते हुए कहा कि यदि किसी औपचारिक समझौते का अभाव भी हो, तब भी पाकिस्तान सऊदी अरब की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर 'अल्लाह के घर' यानी काबा या पैगंबर की जन्मस्थली पर हमला होता है, तो दुनिया के किसी भी कोने में बैठा कोई भी मुसलमान किसी कागजी समझौते का इंतजार नहीं करेगा। उनकी नजर में इन पवित्र स्थलों की रक्षा करना हर मुसलमान का एक सर्वोच्च धार्मिक कर्तव्य है।
हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की की भूमिका
यह पूरा बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे पहले यह सवाल उठ रहे थे कि मक्का पैक्ट होने के बावजूद पाकिस्तान और तुर्की समय पर मदद के लिए क्यों नहीं पहुंचे?
अब ख्वाजा आसिफ के इस ताजा ऐलान से यह साफ करने की कोशिश की गई है कि किसी भी बाहरी हमले की स्थिति में पाकिस्तान और तुर्की, दोनों ही देश सऊदी अरब के साथ कूटनीतिक और व्यावहारिक रूप से मजबूती के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी वादा किया कि पवित्र शहरों पर यदि कोई भी आंच आती है, तो पाकिस्तान बिना एक पल गंवाए उसका जवाब देगा।
यह बयान अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के सुरक्षा समीकरणों में पाकिस्तान और तुर्की की सक्रिय भागीदारी और सऊदी अरब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एक बार फिर खुलकर सामने आई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
