लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश ने औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी 'लॉजिस्टिक्स ईज अक्रास डिफरेंट स्टेट्स' (LEADS-2025) रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने लैंडलॉक्ड (भू-बद्ध) राज्यों की श्रेणी में न केवल 'एक्सेम्पलर' पुरस्कार हासिल किया है, बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में अपनी पहचान सशक्त की है। यह उपलब्धि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और नीतिगत सुधारों के क्षेत्र में किए गए व्यापक बदलावों का जीवंत प्रमाण है।

वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। राज्य की ओर से इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) शशांक चौधरी ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पिछले तीन वर्षों से लगातार 'अचीवर' श्रेणी में अपनी जगह बनाए हुए था, लेकिन इस वर्ष अपनी परिचालन दक्षता और बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बूते राज्य ने शीर्ष पायदान यानी 'एक्सेम्पलर' श्रेणी में छलांग लगाई है।

लीड्स रैंकिंग का मूल्यांकन मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण स्तंभों पर आधारित होता है: लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेवाएं और परिचालन दक्षता। उत्तर प्रदेश ने इन तीनों ही मोर्चों पर अपनी कार्यप्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढाला है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की भावना को धरातल पर उतारते हुए सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा एकीकृत नेटवर्क तैयार करना है, जहां सड़क, रेल और हवाई मार्ग आपस में जुड़कर व्यापारिक माल की आवाजाही को सुगम बना सकें।

इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता के पीछे राज्य में निर्माणाधीन और संचालित एक्सप्रेसवे का विशाल जाल, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुलभता और आगामी जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास विकसित किए जा रहे रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब हैं। इन प्रयासों से न केवल परिवहन लागत में भारी कमी आई है, बल्कि सप्लाई चेन की दक्षता में सुधार के साथ-साथ 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' यानी अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित हुई है। उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य न रहकर देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है, जो वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

Lalita Rajput

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इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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