उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश की 57 फर्मों के पैक्ड ड्रिंकिंग और पैक्ड मिनरल वॉटर के सैंपल जांच के बाद असुरक्षित पाए गए हैं। इन नमूनों में बीमारी फैलाने वाले ई. कोलाई (E. coli), कोलीफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड जैसे बेहद हानिकारक सूक्ष्मजीव पाए गए हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए एफएसडीए आयुक्त ने सभी 57 संबंधित फर्मों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं और उनका उत्पादन तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।

242 में से 146 सैंपल अधोमानक पाए गए

विभाग की ओर से पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के कुल 242 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में 146 सैंपल अधोमानक (मानकों से नीचे) दर्ज किए गए हैं। एफएसडीए के नियमानुसार, अधोमानक मिले फर्मों को एक हफ्ते के भीतर अपनी कमियां दूर कर तीन अलग-अलग बैचों के सैंपल की जांच करानी होगी। वहीं, असुरक्षित पाए गए 57 फर्मों को जरूरी सुधार करने के बाद 'टेस्ट ऑफ स्कीम' के तहत पांच बैचों के सैंपल की जांच करानी होगी। प्रयोगशाला की जांच में सैंपल पास होने के बाद ही इन फर्मों को दोबारा उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

39 जिलों से असुरक्षित सैंपल और चंदौली में सबसे ज्यादा अधोमानक

प्रदेश के कुल 39 जिलों से लिए गए बोतलबंद पानी के सैंपल असुरक्षित श्रेणी में पाए गए हैं। इनमें गाजियाबाद और हापुड़ में चार-चार नमूने असुरक्षित पाए गए। गौतमबुद्ध नगर और अयोध्या में तीन-तीन; जबकि लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, बरेली, बिजनौर, जौनपुर, हाथरस, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर में दो-दो नमूने असुरक्षित मिले। इसके अलावा हरदोई, अमेठी, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, कानपुर नगर, शाहजहांपुर, बागपत, मुरादाबाद, रामपुर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, चंदौली, वाराणसी, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, बहराइच, आजमगढ़, चित्रकूट, ललितपुर, संत कबीर नगर, मीरजापुर, सोनभद्र, झांसी, आगरा और लखनऊ में एक-एक नमूना असुरक्षित पाया गया।

अधोमानक नमूनों के मामले में चंदौली जिला सबसे ऊपर रहा, जहां 12 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा अयोध्या, बाराबंकी, गाजियाबाद और जौनपुर में आठ-आठ, कानपुर नगर में सात तथा आगरा और बरेली में छह-छह नमूने अधोमानक पाए गए। प्रयागराज और वाराणसी में पांच-पांच तथा गोरखपुर और हापुड़ में चार-चार नमूने अधोमानक मिले। वहीं आठ अन्य जिलों में तीन-तीन, 10 जिलों में दो-दो और 17 जिलों में एक-एक नमूना अधोमानक दर्ज किया गया।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

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