उज्जैन शाही मस्जिद विवाद:VHP नेता संतोष शर्मा बोले 25 मंदिर हटे तो विरोध नहीं, मस्जिद पर क्यों?
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद हटाने पर हुए विरोध और पत्थरबाजी को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने दस्तावेजों की जांच की मांग की है。

मस्जिद की इमारत और खड़े हनुमान मंदिर के पास पूजा-अर्चना करते हुए उज्जैन में विवाद के संदर्भ में दिखाई दे रहे दृश्य
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाही मस्जिद मामले में हुई पत्थरबाजी को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वीएचपी नेता संतोष शर्मा ने सवाल उठाया है कि जब विकास कार्यों के लिए 25 मंदिरों को हटाया गया तो किसी ने विरोध नहीं किया, लेकिन मस्जिद का हिस्सा हटाने पर पत्थर क्यों चलाए गए। उन्होंने इस मामले में प्रशासन और मुख्यमंत्री से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
वीएचपी नेता संतोष शर्मा ने जानकारी दी कि उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रशासन द्वारा कोयला फाटक से छत्रिपुरा चौक तक करीब 25 मंदिरों को विस्थापित या पुनर्विस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज ने विकास कार्य में पूरा सहयोग दिया और 200 से 300 वर्ष पुराने मंदिरों को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने पर कोई विरोध नहीं किया। इसके विपरीत, जब सड़क चौड़ी करने के लिए एक मस्जिद का लगभग 9 फीट हिस्सा हटाने की बात आई, तो विरोध शुरू हो गया और पत्थरबाजी की घटना हुई। इस पथराव में सब इंस्पेक्टर पुष्पा समेत प्रशासन से जुड़े कई लोग घायल हो गए।
संतोष शर्मा ने शाही मस्जिद की उम्र और उससे जुड़े दस्तावेजों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि मस्जिद कितने वर्ष पुरानी है, उसके मूल दस्तावेज क्या हैं और वह कितने क्षेत्रफल में स्थापित है। साथ ही, उन्होंने भूमि और अतिक्रमण से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग उठाई।
खड़े हनुमान मंदिर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इस पौराणिक और हजारों वर्ष पुराने मंदिर को पुनर्विस्थापित करने की बात पर भी सनातन समाज ने सहमति जताई थी, जबकि शाही मस्जिद 100 वर्ष पुरानी भी नहीं है। वीएचपी नेता का कहना है कि यदि विकास के लिए प्राचीन मंदिरों को हटाया जा सकता है, तो सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाने पर विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर विकास कार्यों में बाधा डालकर उज्जैन में तनाव का माहौल बना रहे हैं।
अंत में, मुख्यमंत्री मोहन यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए संतोष शर्मा ने कहा कि अब प्रशासन को विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे विकास के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।

Lalita Rajput
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