ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा आदेश; दिल्ली AIIMS की टीम करेगी दोबारा पोस्टमार्टम। ₹30 हजार के इनामी फरार पति समर्थ सिंह का जल्द सरेंडर।

Twisha Sharma death case Bhopal 2026 : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झकझोर कर रख देने वाले हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में न्याय की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता और रहस्य को देखते हुए मृतका ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम (सेकंड पोस्टमार्टम) कराने की ऐतिहासिक अनुमति दे दी है। इस अदालती आदेश के बाद अब दिल्ली एम्स (AIIMS) के शीर्ष फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भोपाल आकर इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे छिपे असली सच का पर्दाफाश करेगी। न्यायालय के इस कड़े रुख के बीच चारों तरफ से घिर चुके फरार मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह के पैर उखड़ गए हैं और उनके वकीलों ने हाई कोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका को बिना शर्त वापस ले लिया है, जिससे उनकी गिरफ्तारी या सरेंडर का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

हाई कोर्ट में तीखी बहस: राज्य सरकार को दोबारा पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं, माइनस 80 डिग्री में सुरक्षित रहेगा शव

उच्च न्यायालय में इस मामले को लेकर शुक्रवार को बेहद तीखी और मैराथन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान आरोपी समर्थ सिंह के वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि यदि बार-बार शव परीक्षण कराया गया, तो इससे मध्य प्रदेश के फॉरेंसिक डॉक्टरों और राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर जनता का भरोसा उठ जाएगा। इसके विपरीत, पीड़ित परिवार का पक्ष रख रहे वकीलों ने पहले पोस्टमार्टम की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। इस पर राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच के लिए सरकार को दिल्ली एम्स के डॉक्टरों द्वारा दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दिल्ली एम्स के डायरेक्टर को आदेश जारी कर विशेष टीम गठित करने को कहा। साथ ही, ट्विशा के शव को भोपाल एम्स के शवगृह में माइनस अस्सी डिग्री सेल्सियस (-80°C) के अत्यधिक सुरक्षित और डीप-फ्रीज तापमान पर रखने का सख्त निर्देश दिया है ताकि किसी भी तरह के जैविक साक्ष्य नष्ट न हो सकें।

कानूनी चक्रव्यूह में फंसा 'सिंह परिवार': रिटायर्ड जज सास की जमानत को चुनौती, फरार पति पर ₹30 हजार का इनाम

वकील अंकुर पांडेय के अनुसार, इस समय मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में इस संवेदनशील मामले से जुड़ी कुल चार अलग-अलग अर्जियां दाखिल की गई थीं। इनमें पहली और दूसरी याचिका राज्य सरकार तथा पीड़िता के पिता द्वारा आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली नियमित जमानत को चुनौती देने के लिए लगाई गई थी। इन दोनों याचिकाओं पर हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए गिरिबाला सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है, जिसकी अगली अहम सुनवाई पच्चीस मई को तय की गई है। वहीं, भोपाल के कटारा हिल्स में बारह मई को हुई इस रहस्यमयी मौत के बाद से ही फरार चल रहे पति समर्थ सिंह की मुश्किलें अब चरम पर हैं। भोपाल मजिस्ट्रेट कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद समर्थ ने हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्ट के सख्त तेवर और पुलिस कमिश्नर संजय कुमार द्वारा गठित छह विशेष टीमों के बढ़ते दबाव को भांपते हुए उनके वकील जयदीप कौरव ने जमानत अर्जी वापस ले ली। पुलिस ने समर्थ पर तीस हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है और उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके बाद उनके वकील ने जल्द ही सरेंडर करने का दावा किया है।

दहेज प्रताड़ना बनाम नशीली लत का आरोप: वायरल ऑडियो और ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाई सनसनी

तैंतीस वर्षीय ट्विशा शर्मा के मायके वालों का आरोप है कि रिटायर्ड जज के रसूखदार परिवार ने उनकी बेटी को दहेज के लिए इस कदर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया कि उसकी जान चली गई। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने अपनी सास गिरिबाला सिंह के साथ बातचीत का एक सनसनीखेज ऑडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि रिटायर्ड जज होने के घमंड में उनकी सास ने बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं जो रिकॉर्ड पर हैं। इस बीच, घटना से ठीक तीन घंटे पहले का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ट्विशा एक ब्यूटी पार्लर में सामान्य रूप से हेड मसाज कराती दिख रही हैं, जो उनके कथित डिप्रेशन या आत्महत्या की थ्योरी पर बड़े सवाल खड़े करता है। इसके विपरीत, फरार आरोपी समर्थ सिंह ने कोर्ट में ६९ पन्नों की याचिका दायर कर ट्विशा के परिवार के आरोपों को काल्पनिक और सहानुभूति बटोरने की साजिश बताया है। सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं और उनके द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट्स के साथ छेड़छाड़ की गई है।

सीबीआई ने संभाली कमान: रसूखदारों के प्रभाव से मुक्त होगी देश की सबसे बड़ी फॉरेंसिक जांच

चूंकि इस मामले में आरोपी परिवार न्यायपालिका और प्रशासनिक हलकों में बेहद रसूखदार पृष्ठभूमि रखता है, इसलिए मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भी अपनी समानांतर जांच की रूपरेखा तैयार कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई जल्द ही स्थानीय पुलिस से केस डायरी अपने हाथ में लेकर केंद्रीय स्तर पर नई प्राथमिकी दर्ज करने जा रही है। स्थानीय जांच से लेकर दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम के आगमन और केंद्रीय एजेंसी की एंट्री तक, इस मामले ने देश के कानूनी और प्रशासनिक हलकों में भारी हलचल पैदा कर दी है। माइनस अस्सी डिग्री में सुरक्षित रखा गया ट्विशा का शव अब केवल एक फॉरेंसिक केस नहीं है, बल्कि यह रसूख और रंजिश के बीच दबे उस सच को बाहर लाने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है, जिसका फैसला अब देश की सबसे बड़ी अदालतें और वैज्ञानिक साक्ष्य करेंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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