Tvisha Sharma death case : हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट से मिली राहत अब उनके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। कानूनी दांव-पेंच की समझ रखने के बावजूद आरोपी सास गिरिबाला सिंह कोर्ट द्वारा तय की गई जमानत की शर्तों का सरेआम उल्लंघन करती नजर आ रही हैं। पुलिस जांच में सहयोग करने के सख्त आदेश के बाद भी उनका रवैया बेहद असहयोगात्मक बना हुआ है, जिसके चलते अब जांच एजेंसियों का शिकंजा उन पर दोबारा कसने की तैयारी में है।

जांच से भाग रहीं आरोपी सास, पुलिस के 3 नोटिस किए नजरअंदाज :

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी गिरिबाला सिंह को पूछताछ की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अब तक तीन बार आधिकारिक नोटिस भेजे जा चुके हैं। बेहद हैरान करने वाली बात यह है कि कानून के सर्वोच्च पद पर रह चुकीं गिरिबाला सिंह ने इन सभी नोटिसों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है और अभी तक पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज नहीं कराए हैं। जांच अधिकारी लगातार उनसे संपर्क साधने और सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आरोपी सास की तरफ से जांच को भटकाने और सहयोग न करने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

इन सख्त शर्तों पर मिली थी कोर्ट से जमानत :

उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरिबाला सिंह को कोर्ट ने राहत देते हुए इस स्पष्ट और अनिवार्य शर्त पर जमानत दी थी कि वह विवेचना (जांच) के दौरान पूरी तरह से जांच अधिकारी का सहयोग करेंगी। अदालत ने अपने जमानत आदेश में साफ तौर पर लिखा था कि:

  • आरोपी महिला जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगी।
  • केस की कार्यवाही के दौरान उनकी तरफ से कोई अनावश्यक देरी नहीं की जाएगी।
  • पुलिस जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, उन्हें उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ है कि इन अदालती आदेशों और शर्तों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

मौत के अगले ही दिन 46 'रसूखदारों' को फोन, वकील के खुलासे से हड़कंप :

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और सनसनीखेज मोड़ तब आया, जब पीड़िता ट्विशा शर्मा के परिवार की पैरवी कर रहे वकील ने एक बेहद चौंकाने वाली कॉल लिस्ट सार्वजनिक कर दी। इस लिस्ट ने पूरे मामले के पीछे चल रहे प्रभाव और रसूख के खेल को बेनकाब कर दिया है।

दावा किया गया है कि ट्विशा की मौत के ठीक अगले दिन गिरिबाला सिंह ने अपने किसी करीबी या नाते-रिश्तेदार को नहीं, बल्कि देश के सिस्टम को चलाने वाले बेहद ताकतवर लोगों को बैक-टू-बैक कॉल्स किए थे। वकील द्वारा जारी सूची के अनुसार गिरिबाला सिंह ने महज कुछ घंटों के भीतर कुल 46 लोगों से संपर्क साधा था, जिनमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल थीं:

  • प्रशासनिक अधिकारी: रसूखदार आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अफसर।
  • न्यायिक जगत: कानून व्यवस्था से जुड़े कई मौजूदा और पूर्व जज।
  • चिकित्सा विशेषज्ञ: प्रभाव रखने वाले नामचीन डॉक्टर्स।

इतनी बड़ी संख्या में वीआईपी (VIP) लोगों को किए गए ये कॉल्स इस गहरे संदेह को जन्म दे रहे हैं कि आरोपी द्वारा न सिर्फ अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा था, बल्कि मामले से जुड़े अहम सबूतों और तथ्यों को दबाने या छुपाने की पुरजोर कोशिश की जा रही थी।

प्रभाव के इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल :

एक तरफ जहां पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व जज द्वारा जांच से लगातार दूरी बनाना और प्रभावशाली नेटवर्क का सहारा लेना पूरी कानूनी प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़े करता है। कानून के जानकारों का मानना है कि यदि गिरिबाला सिंह का यही अड़ियल रवैया जारी रहा, तो पुलिस कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर उनकी जमानत रद्द करने की मांग भी कर सकती है। इस बड़े खुलासे के बाद अब देखना यह होगा कि कानून का रक्षक रह चुका कोई व्यक्ति खुद कानून के शिकंजे से कब तक बच पाता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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