ट्विशा शर्मा मामला: संदिग्ध मौत का सच जानने के लिए डमी के साथ सीन रीक्रिएट करेगी सीबीआई
कटारा हिल्स स्थित घटना स्थल पर आरोपी पति समर्थ और सास की मौजूदगी में 80 किलो की डमी से बेल्ट की मजबूती और बयानों की होगी लाइव जांच।

भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच के लिए जाती हुई केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित और बेहद संवेदनशील ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच की रफ्तार को और तेज कर दिया है। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक रिहाइशी मकान में हुई इस रहस्यमयी घटना के पीछे छिपे वास्तविक कारणों को उजागर करने के लिए जांच एजेंसी अब वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मामले की तह तक पहुंचने और बयानों की सत्यता की जांच करने के लिए सीबीआई की विशेष अपराध शाखा की टीम आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह को उनके उसी निवास स्थान पर लेकर जाएगी, जहां पूर्व में ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया था। वहां पूरी घटना का हूबहू दृश्य पुनर्गठन (सीन रीक्रिएशन) किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान जांच दल अस्सी किलोग्राम वजनी एक विशेष मानव डमी का उपयोग करेगा, जिसके माध्यम से घटना की रात के पूरे घटनाक्रम को व्यावहारिक रूप से दोहराया जाएगा। सूत्रों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह ने पूर्व में पूछताछ के दौरान जांच अधिकारियों के समक्ष यह दावा किया था कि घटना की रात उसने अकेले ही ट्विशा के शरीर को फंदे से नीचे उतारा था, जबकि उसकी मां गिरीबाला सिंह ने गले में बंधी गांठ को खोला था। इस थ्योरी की प्रामाणिकता को परखने के लिए सीबीआई दोनों आरोपियों को घटना स्थल पर आमने-सामने खड़ा कर डमी के माध्यम से इसका लाइव डेमो लेगी। इसके अतिरिक्त, जिस लेदर बेल्ट का उपयोग फांसी के लिए किए जाने की बात ससुराल पक्ष द्वारा कही जा रही है, उसकी फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच प्रयोगशाला में की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या वह बेल्ट इतना अधिक मानव वजन उठाने और उसे थामे रखने में सक्षम थी या नहीं।
इस मामले के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की बात करें तो माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के तत्काल बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी सास गिरीबाला सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए मां और बेटे दोनों आरोपियों को दो जून तक के लिए सीबीआई की विशेष कस्टडी में भेज दिया है। सीबीआई के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने पूर्व में ही घटना स्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर लिए थे। वर्तमान में दोनों आरोपियों के व्यक्तिगत बयानों में पाए गए गंभीर विरोधाभासों को दूर करने के लिए उन्हें आमने-सामने बिठाकर सघन पूछताछ की जा रही है।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र के आधार पर आरोपी सास से अब तक लगभग बीस से अधिक बेहद तीखे और कड़े सवाल पूछे जा चुके हैं। इन सवालों में ट्विशा शर्मा की संभावित मेडिकल और प्रेग्नेंसी रिपोर्ट, उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर पाए गए चोट के बाहरी निशानों की उत्पत्ति तथा मृतका और उसके पति के मध्य पूर्व में हुए वॉट्सऐप संदेशों के आदान-प्रदान से जुड़े डिजिटल दस्तावेज शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मृतका ट्विशा के मायके पक्ष के सदस्यों ने पति समर्थ और उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक उत्पीड़न और अवैध दहेज की मांग करने के बेहद गंभीर लिखित आरोप लगाए थे, जिसके बाद जनभावनाओं और मामले की जटिलता को देखते हुए इस संवेदनशील जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया था। यह दृश्य पुनर्गठन प्रक्रिया इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी साक्ष्यों की मजबूती और आरोपियों के भविष्य को तय करने में अत्यंत निर्णायक सिद्ध होगी।

Lalita Rajput
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