चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है। सिनेमाई पर्दे से सियासी पटल पर उतरे थलपति विजय ने राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर कार्यभार संभाल लिया है। उनकी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) की ऐतिहासिक चुनावी जीत के बाद गठित इस नए मंत्रिमंडल में कई दिग्गजों को जगह मिली है, लेकिन इस समय सबसे ज्यादा चर्चा एक ऐसे नाम की हो रही है जो योग्यता के मामले में पूरी कैबिनेट में शीर्ष पर हैं। यह नाम है डॉ. केजी अरुणराज का, जिन्हें मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्रालय की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। अरुणराज न केवल विजय कैबिनेट के सबसे पढ़े-लिखे मंत्री हैं, बल्कि उनका सफरनामा बेहद असाधारण और प्रेरणादायी रहा है।

तमिलनाडु के सेलम जिले के मूल निवासी केजी अरुणराज ने चिकित्सा के क्षेत्र से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 2002 में राज्य के प्रतिष्ठित मद्रास मेडिकल कॉलेज (जो तमिलनाडु डॉ. एम.जी.आर. मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध है) से अपनी एमबीबीएस की डिग्री पूरी की। डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने खुद को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कृष्णागिरी जिले सहित राज्य के कई सुदूर और ग्रामीण इलाकों में एक समर्पित चिकित्सक के रूप में काम किया, जिससे उन्हें जमीन से जुड़े मुद्दों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकतों को करीब से समझने का मौका मिला।

चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा देने के बाद भी अरुणराज की प्रशासनिक महत्वाकांक्षाएं कम नहीं हुईं। उन्होंने साल 2009 में देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी बने। अपने 16 साल के शानदार सिविल सेवा करियर के दौरान उन्होंने आयकर विभाग में संयुक्त आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त जैसे कई उच्च पदों पर काम किया। इस दौरान उनकी पोस्टिंग न केवल तमिलनाडु में रही, बल्कि उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी अपनी सेवाएं दीं।

आईआरएस अधिकारी के रूप में केजी अरुणराज का कार्यकाल काफी साहसिक फैसलों के लिए जाना जाता है। साल 2016 में वह देशव्यापी सुर्खियों में आए, जब उन्होंने जाने-माने कारोबारी शेखर रेड्डी और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर एक बड़ी आयकर छापेमारी का नेतृत्व किया। इस चर्चित रेड में विभाग ने 90 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की थी। इसके अलावा, अरुणराज तमिलनाडु की राजनीति को हिला देने वाले कोडनाड एस्टेट मामले और वी.के. शशिकाला के सहयोगियों से जुड़ी संवेदनशील जांचों का भी हिस्सा रहे। उनकी इसी सख्त छवि के कारण साल 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने प्रशासनिक सुरक्षा के तहत उनका स्थानांतरण केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के मुख्यालय में कर दिया था।

सार्वजनिक सुधारों के प्रति अरुणराज का झुकाव काफी पुराना है। वह साल 2009 से ही एक सक्रिय ब्लॉग चलाते थे, जिसमें वे चुनावी सुधारों, पूर्ण शराबबंदी और भ्रष्टाचार उन्मूलन जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर लिखते थे। इसी वैचारिक प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पर होने के बावजूद मई 2025 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली, जिसे 22 मई 2025 को सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई। इसके ठीक एक महीने बाद, जून 2025 में उन्होंने थलपति विजय की पार्टी टीवीके का दामन थाम लिया। विजय ने उनकी योग्यता को देखते हुए तुरंत उन्हें पार्टी का महासचिव (नीति और प्रचार) नियुक्त किया और घोषणापत्र समिति की कमान सौंप दी।

साल 2026 के इस ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में अरुणराज ने नमक्कल जिले की बेहद संवेदनशील तिरुचेंगोडु विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस सीट का इतिहास बेहद दिलचस्प रहा है, जहां हमेशा जीत का अंतर बेहद कम (2 से 3 हजार वोट) रहता था। लेकिन इस बार 89.97% के रिकॉर्ड मतदान वाले इस क्षेत्र में अरुणराज ने एआईएडीएमके के आर. चंद्रशेखर और केएमडीके के ई.आर. ईश्वरन को करारी शिकस्त दी और 28,712 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज ने सरकार की प्राथमिकताओं को पूरी स्पष्टता से रेखांकित किया है। उन्होंने साफ किया है कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में नई सरकार एक स्वच्छ, पारदर्शी और सुव्यवस्थित शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें महिलाओं का कल्याण, उनकी सुरक्षा और राज्य को पूरी तरह से नशामुक्त बनाना प्राथमिकता होगी। एक डॉक्टर और पूर्व आईआरएस अधिकारी का स्वास्थ्य मंत्री बनना राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में बड़े नीतिगत सुधारों का संकेत है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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