जबलपुर की अदालत में सरेंडर करने के बाद भोपाल पुलिस ने आरोपी वकील समर्थ सिंह को हिरासत में लिया, कोर्ट से 7 दिन की रिमांड मांगने की तैयारी।

Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाले ट्विशा शर्मा मौत मामले में आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बीते 12 मई से लगातार कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। जबलपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी को भोपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस टीम उसे भोपाल लेकर पहुंच चुकी है। आज दोपहर तक आरोपी समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां जांच अधिकारी उसकी 7 दिनों की पुलिस रिमांड की मांग करेंगे ताकि इस पूरे मामले की तह तक जाकर सच को सामने लाया जा सके।

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पटकथा शुक्रवार (22 मई) को उस वक्त लिखी गई, जब चौतरफा दबाव के बीच 30 हजार रुपये का इनामी आरोपी समर्थ सिंह खुद जबलपुर जिला जज के कोर्ट रूम में सरेंडर करने पहुंचा। पेशे से वकील समर्थ सिंह के खिलाफ पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी कर रखा था, जिससे उसके देश छोड़कर भागने की संभावनाओं पर भी पहरा लग चुका था। कानूनी रास्ते बंद होते देख समर्थ सिंह के वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली और अदालत को सूचित किया कि आरोपी आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार है। हाई कोर्ट से राहत की उम्मीदें खत्म होने के बाद समर्थ के पास कानून के आगे घुटने टेकने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।

हालांकि, समर्थ सिंह के आत्मसमर्पण के दौरान जबलपुर जिला कोर्ट परिसर में भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल देखा गया। मृतका ट्विशा के परिजनों के वकीलों ने कोर्ट रूम में समर्थ के सरेंडर का तीखा विरोध किया। परिजनों के पक्ष का तर्क था कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आरोपी समर्थ को या तो सीधे भोपाल जिला न्यायालय में या फिर इस मामले के जांच अधिकारी (IO) के समक्ष ही आत्मसमर्पण करना चाहिए था। इस कानूनी रस्साकशी और हंगामे के बीच जबलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समर्थ को अदालत परिसर से हिरासत में लिया और ओमती थाने ले गई, जहां औपचारिकताएं पूरी कर उसे भोपाल पुलिस की स्पेशल टीम को सौंप दिया गया।

कानून के रखवाले होने के बावजूद इस गंभीर अपराध में नाम आने पर बार काउंसिल ने भी समर्थ सिंह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और उसका वकालत का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। 12 मई को ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही समर्थ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। अब जबकि मुख्य आरोपी पुलिस की सलाखों के पीछे आ चुका है, भोपाल पुलिस की रिमांड अर्जी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। रिमांड के दौरान होने वाली सघन पूछताछ से न सिर्फ ट्विशा की मौत के पीछे छिपे असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है, बल्कि यह भी साफ होगा कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने या आरोपी को पनाह देने में क्या कोई और भी शामिल था।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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