ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान की सफलता का दावा

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच देश को संबोधित करते हुए एक बड़ी 'जीत' का ऐलान किया है। भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे दिए गए अपने 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को इस हद तक चोट पहुंचाई है कि अब वह परमाणु हथियार हासिल करने की स्थिति में नहीं रहा।

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और तबाही का मंजर

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में बताया कि अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर निर्णायक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसी जीत है जो इतिहास में बहुत कम देखी गई है। ट्रंप ने सैन्य नुकसान का विवरण देते हुए कहा:

• नौसेना और वायुसेना: ईरान की नेवी और एयरफोर्स को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।

• नेतृत्व का सफाया: ईरान के ज्यादातर शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कंट्रोल खत्म हो चुका है।

• मिसाइल कार्यक्रम: हथियारों की फैक्ट्रियां और रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए हैं, जिससे उनकी हमला करने की क्षमता लगभग शून्य हो गई है।


परमाणु हथियार रोकने का तर्क

ट्रंप ने इस सैन्य अभियान को जायज ठहराते हुए कहा कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका था। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया है। हम यह साफ करना चाहते हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।" ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ईरान को कई छूट दी गईं, जबकि उनके प्रशासन ने कासिम सुलेमानी जैसे खतरों को खत्म कर सुरक्षा सुनिश्चित की।


हॉर्मुज स्ट्रैट और एनर्जी का नया समीकरण

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने अमेरिकी सहयोगियों से कहा कि वे इस क्षेत्र में जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुद हिम्मत जुटाएं।

"अमेरिका को इसकी (हॉर्मुज की) जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे पास अपनी एनर्जी (तेल और गैस) है। हमें खाड़ी के तेल की जरूरत नहीं है।" – डोनाल्ड ट्रंप यह बयान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हड़कंप मचा सकता है, क्योंकि हॉर्मुज स्ट्रैट के बंद होने से पहले ही दुनिया में एनर्जी संकट गहराया हुआ है।

सहयोगियों का आभार और विरोधियों पर निशाना

ट्रंप ने इजरायल के साथ-साथ सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत और यूएई को उनके सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी उकसावे के ईरान ने इन देशों पर हमले किए थे, जिससे साबित होता है कि वह पूरे क्षेत्र के लिए खतरा था। साथ ही, उन्होंने उन लोगों की भी कड़ी आलोचना की जिन्होंने इस सैन्य अभियान का विरोध किया था। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अब युद्ध के आर्थिक नतीजों से निपटने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार है।

अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ यह अभियान अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। ट्रंप के इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के बेहद करीब है। हालांकि, हॉर्मुज स्ट्रैट को लेकर उनके रुख ने वैश्विक शक्तियों के बीच नई बहस छेड़ दी है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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