सलमान खान के घर की हुई थी रेकी, फिर क्यों बने टाइगर श्रॉफ निशाना? कोटा से मुंबई पहुंचे शूटर्स का बड़ा खुलासा|
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में कोटा से पकड़े गए तीनों आरोपियों को मुंबई लाया गया है, जहां उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुई गोलीबारी की घटना के बाद, कोटा से गिरफ्तार किए गए आरोपियों को मुंबई पुलिस सुरक्षा के बीच लेकर पहुंची है।
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटा से गिरफ्तार किए गए तीनों मुख्य आरोपी शूटर्स को मुंबई ले आई है। तड़के सुबह करीब चार बजे सड़क के रास्ते से तीनों आरोपियों—फूल सिंह, ऋतिक कुमार और रेहान—को मुंबई लाया गया। इसके बाद उन्हें सीधे मुंबई के जीटी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच के बाद तीनों आरोपियों को मुंबई एंटी-एक्सटॉर्शन सेल यानी वसूली विरोधी सेल यूनिट के पास भेज दिया गया है। आज उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस मामले की आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड की मांग करेगी।
यह पूरी घटना रविवार शाम करीब सात बजे की है, जब जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर अचानक फायरिंग कर दी गई। इस जानलेवा हमले में अभिनेता बाल-बाल बच गए, हालांकि उन्हें कुछ मामूली चोटें आईं। इस गोलीबारी की चपेट में आने से उनके ड्राइवर फिरदौस इब्राहिम बलोच और मौके पर मौजूद एक अन्य ऑटो ड्राइवर को गोली लग गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। छानबीन के दौरान अधिकारियों ने घटनास्थल से पांच खाली कारतूस के खोखे और दो जिंदा कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक, जब कथित आरोपी रेहान अंसारी ने फूल सिंह के साथ मिलकर फायरिंग की थी, तो उस दौरान उसकी पिस्तौल जाम हो गई थी, जिसकी वजह से दो जिंदा कारतूस नीचे गिर पड़े थे। तकनीकी जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरी वारदात के दौरान कुल पांच गोलियां चलाई गई थीं।
इस बीच, तीनों आरोपियों की कानूनी पैरवी कर रहे वकील अजिंक्य मिरगल का बयान भी सामने आया है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि चूंकि आरोपियों को सुबह करीब चार बजे ही मुंबई लाया गया है, इसलिए अभी तक अदालत में वकालतनामा दाखिल नहीं किया गया है। आरोपियों को अभी तक औपचारिक रूप से अदालत के सामने पेश नहीं किया गया है, लेकिन उन्हें जल्द ही पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों के परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद वे अदालत में उनका प्रतिनिधित्व करने आए हैं। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और यदि पुलिस द्वारा आगे संपर्क किया जाता है तथा आधिकारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी होती है, तो वे उसी के अनुसार कानूनी कदम उठाएंगे।
इस मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मंगलवार को मुंबई पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इन चारों संदिग्धों को सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था और बाद में औपचारिकताएं पूरी कर मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय कुणाल, 19 वर्षीय सुमित, 23 वर्षीय राधा और 23 वर्षीय बबीता के रूप में हुई है, जिन्हें दिल्ली और हरियाणा के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी अनिल पंडित के कहने पर कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 राउंड कारतूस खरीदे थे, जिसमें सुमित भी उसके साथ मौजूद था। इसके बाद राधा और बबीता इन्हीं हथियारों को छिपाकर या लेकर मुंबई पहुंची थीं। मुंबई पुलिस की सीआईडी ने अदालत की मंजूरी मिलने के बाद इन चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ के लिए इनकी तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की है।
मंगलवार को ही इस मामले में एक और बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ। मुंबई क्राइम ब्रांच ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन शूटर्स के मुख्य निशाने पर टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि असल में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान थे। हमलावर किसी बड़े और मशहूर बॉलीवुड सेलिब्रिटी को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन उस सेलिब्रिटी के घर और आसपास सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि वे उन तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ को एक आसान विकल्प के तौर पर चुना, क्योंकि उन्हें लगा कि उन तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान होगा। इन शूटर्स ने वारदात को अंजाम देने से पहले सलमान खान के घर की भी रेकी की थी, लेकिन वहां तैनात भारी सुरक्षा बल को देखने के बाद उन्होंने अपना प्लान बदल दिया और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने का फैसला किया।
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी पता चला है कि इन शूटर्स ने हमले को अंजाम देने से पहले करीब 20 दिनों तक जुहू फुटबॉल ग्राउंड और उसके आसपास के इलाकों की लगातार रेकी की थी। टाइगर श्रॉफ हर हफ्ते के अंत में यानी वीकेंड पर इस फुटबॉल ग्राउंड पर खेलने के लिए आते थे। पुलिस अब इन तमाम इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस बात के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें कि आरोपियों ने किस तरह से इलाके की रेकी की थी। पुलिस ने कुल 24 जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिनमें से 6 से 7 प्रमुख जगहों पर ये संदिग्ध घूमते हुए नजर आए हैं। इन जगहों में टाइगर श्रॉफ का जिम, खेल का मैदान और उनका घर भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच की टीम इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों को टाइगर श्रॉफ के दैनिक रूटीन, उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और उनकी आवाजाही की सटीक जानकारी किसने मुहैया कराई थी। पुलिस को संदेह है कि इस अंदरूनी जानकारी का इस्तेमाल इस सुनियोजित हमले की रूपरेखा तैयार करने में किया गया होगा। वारदात के पीछे का असल मकसद और इसमें और कितने लोग शामिल हैं, यह सब फिलहाल जांच के दायरे में है। हालांकि, अब तक की शुरुआती जांच से यह मामला डर पैदा करने और जबरन वसूली से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
सोमवार को राजस्थान पुलिस ने कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए रेहान, फूल सिंह और ऋतिक कुमार को धर दबोचा था। इसके बाद उन्हें तुरंत कोटा की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोटा पुलिस ने दोपहर के बाद मुंबई पुलिस की आई विशेष टीम को तीनों आरोपी सौंप दिए। कोटा अदालत ने मुंबई की टीम को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी थी, जिसके आधार पर पुलिस मंगलवार को सड़क के रास्ते से तीनों आरोपियों को लेकर मुंबई के लिए रवाना हुई थी। कोटा पुलिस की एसपी तेजस्विनी गौतम ने गिरफ्तारी के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी खुलासा किया था कि इन आरोपियों की साजिश वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन से जयपुर, वहां से बस के जरिए दिल्ली और फिर दिल्ली से नेपाल भागने की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस से समय पर मिले इनपुट और सतर्कता के बाद कोटा पुलिस ने सिर्फ 15 मिनट के एक छोटे से ऑपरेशन में तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
घटना के तुरंत बाद जुहू पुलिस थाने में इस सिलसिले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109(1) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया है, जो मुख्य रूप से हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने से जुड़ी हुई हैं। इस सनसनीखेज गोलीबारी की पूरी जांच का जिम्मा अब आधिकारिक तौर पर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है, जो इस मामले की तह तक जाने के लिए लगातार कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
