FIFA World Cup 2026 Playoffs : खेल की दुनिया में फीफा विश्व कप को भावनाओं का महाकुंभ माना जाता है, लेकिन जब सरहदें बारूद से सुलग रही हों, तो फुटबॉल का मैदान भी असुरक्षित हो जाता है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भीषण सैन्य संघर्ष ने अब फीफा विश्व कप 2026 के भाग्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। इराक के मुख्य कोच ग्राहम अर्नोल्ड ने पड़ोसी देश ईरान में जारी युद्ध और उसके कारण उत्पन्न 'हवाई अराजकता' का हवाला देते हुए फीफा से अपील की है कि आगामी अंतर-महाद्वीपीय प्लेऑफ मैचों को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।

हवाई क्षेत्र बंद, अधर में अटकी इराक की उम्मीदें :

इराक के सामने संकट केवल खेल का नहीं, बल्कि साजो-सामान और सुरक्षा का भी है। 28 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद से पूरे क्षेत्र का हवाई क्षेत्र (Airspace) किसी 'नो-फ्लाई ज़ोन' जैसा बन गया है। ईरान की ओर से इजरायल और खाड़ी देशों पर किए गए जवाबी मिसाइल हमलों के कारण इराक का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद है। ऐसे में 31 मार्च को मैक्सिको के मॉन्टेरी में होने वाले निर्णायक मुकाबले के लिए इराकी टीम का वहां पहुंचना लगभग असंभव लग रहा है।

कोच ग्राहम अर्नोल्ड ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वे केवल देश के बाहर (यूरोप या अन्य देशों में) खेल रहे खिलाड़ियों के साथ टीम बनाते हैं, तो यह इराक की ताकत के साथ समझौता होगा। इराक के लिए यह मैच ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि देश 1986 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की दहलीज पर खड़ा है। 40 वर्षों का यह सूखा खत्म करने के लिए इराक को अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की जरूरत है, जो फिलहाल युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

प्लेऑफ का गणित और प्रस्तावित बदलाव :


वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, इराक को 31 मार्च को बोलीविया या सूरीनाम में से किसी एक के साथ भिड़ना है। इराक की फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अदनान दिरजल इस संकट से निकलने के लिए चौबीसों घंटे योजना बना रहे हैं। कोच अर्नोल्ड ने फीफा को एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया है:

  • सेमीफाइनल: बोलीविया और सूरीनाम को 26 मार्च को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आपस में खेलने दिया जाए।
  • स्थगन: इराक के फाइनल मुकाबले को टालकर मुख्य विश्व कप शुरू होने से एक सप्ताह पहले अमेरिका में आयोजित किया जाए।
  • निर्णायक मोड़: उस मैच का विजेता सीधे विश्व कप में प्रवेश करेगा, जबकि हारने वाली टीम वापस लौट जाएगी।


फीफा की चुप्पी और बढ़ता दबाव :

जहाँ एक ओर मैक्सिको के ग्वाडालाजारा में न्यू कैलेडोनिया, जमैका और कांगो जैसे देश दूसरे प्लेऑफ के लिए पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं इराक के भविष्य पर फीफा ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इराक में फुटबॉल के प्रति जुनून का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युद्ध के साये में भी वहां के लोग अपने खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर देखने के लिए बेताब हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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