Ajit Pawar Funeral : महाराष्ट्र की सियासत का एक ओजस्वी अध्याय आज हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता और छह बार राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार, जिन्हें प्यार से दुनिया 'दादा' कहती थी, गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए। बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में आयोजित अंतिम संस्कार में जब उनके पुत्रों, पार्थ और जय ने मुखाग्नि दी, तो 'अजित दादा अमर रहे' के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा।

एक दर्दनाक अंत: आसमान से जमीन तक का सफर

बुधवार को लोकतंत्र के महापर्व (जिला परिषद चुनाव) के प्रचार के लिए मुंबई से बारामती आ रहे अजित पवार का सफर एक भीषण त्रासदी में बदल गया। 'वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा संचालित 16 साल पुराना चार्टर्ड विमान 'लियरजेट' बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दूसरे प्रयास के दौरान रनवे से महज 200 मीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने न केवल एक जननेता को छीना, बल्कि विमान में सवार चार अन्य कर्मयोगियों की भी जान ले ली:

  • कैप्टन सुमित कपूर: 15,000 घंटे के अनुभव वाले अनुभवी पायलट।
  • कैप्टन शांभवी पाठक: 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव रखने वाली सह-पायलट।
  • विधिप जाधव: समर्पित निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO)।
  • पिंकी माली: कर्तव्यनिष्ठ विमान परिचारिका।

राजनीतिक जगत में शोक: जुटे दिग्गज

अजित पवार की अंतिम यात्रा में दलगत राजनीति की दीवारें ढह गईं। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे समेत देश के तमाम दिग्गज नेता पहुंचे। राकांपा संस्थापक शरद पवार ने इस घड़ी में संयम की अपील करते हुए कहा कि यह एक शुद्ध दुर्घटना थी और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

जांच और तकनीकी पहलू :

प्रशासन ने हादसे की तह तक जाने के लिए कमर कस ली है। नागरिक उड्डयन विशेषज्ञों की देखरेख में विमान से बरामद किए गए 'ब्लैक बॉक्स' का विश्लेषण किया जाएगा। यह जांच निर्धारित करेगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या खराब मौसम और लैंडिंग के दौरान हुई किसी चूक का परिणाम था। पुलिस ने पहले ही इस मामले में एडीआर दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एक अधूरा सपना और राजनीतिक भविष्य :

अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्हें एक ऐसे 'संकटमोचक' और 'प्रशासनिक माहिर' के तौर पर जाना जाता था, जिनका सपना मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना था। कई राजनीतिक पंडितों का मानना था कि वे एक बार राज्य की कमान जरूर संभालेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके जाने से न केवल महायुति गठबंधन में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, बल्कि उनकी पार्टी के भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। अजित पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए सिर्फ एक नेता की क्षति नहीं, बल्कि विकास की उस गति का रुक जाना है जिसे उन्होंने बारामती के मॉडल के रूप में दुनिया को दिखाया था।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story