बुढ़ापे की लाठी बनेगी सरकार; असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगी ₹3,000 की सुरक्षित सरकारी पेंशन
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगी ₹3000 मासिक पेंशन। जानिए पात्रता, अंशदान और पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया।

Prime Minister's Shram Yogi Maan-Dhan Scheme
Prime Minister's Shram Yogi Maan-Dhan Scheme : भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों के लिए 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) योजना' एक ऐतिहासिक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। देश के विकास में पसीना बहाने वाले रेहड़ी-पटरी वालों, रिक्शा चालकों और निर्माण श्रमिकों के जीवन में छाई अनिश्चितता के बादलों को छाँटने के लिए केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी पेंशन योजना को धरातल पर उतारा है। यह योजना न केवल सामाजिक न्याय का प्रतीक है, बल्कि उन हाथों को सम्मान देने की एक कोशिश है जो दिन-रात देश के बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हैं।
इस योजना की रूपरेखा को विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिनकी पहुँच पारंपरिक बैंकिंग और पेंशन सुविधाओं तक नहीं थी। श्रम और रोजगार मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित यह योजना भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के कुशल प्रबंधन के साथ भविष्य की वित्तीय चुनौतियों का समाधान करती है।
पात्रता और अंशदान का सुदृढ़ ढांचा :
PM-SYM योजना मुख्य रूप से 18 से 40 वर्ष की आयु के उन श्रमिकों पर केंद्रित है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'स्वैच्छिक और अंशदायी' स्वरूप है। इसमें लाभार्थी और सरकार के बीच 50:50 के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित की गई है। नामांकन के समय लाभार्थी की आयु के आधार पर मासिक योगदान की राशि ₹55 से ₹200 के बीच तय की जाती है। जितनी राशि श्रमिक अपने खाते में जमा करता है, ठीक उतनी ही राशि का योगदान केंद्र सरकार द्वारा भी किया जाता है, जिससे यह निवेश सुरक्षित और लाभकारी बन जाता है।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह अनिवार्य है कि आवेदक EPFO, NPS या ESIC जैसी किसी अन्य वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य न हो और न ही वह आयकर दाता हो। नामांकन की प्रक्रिया को अत्यंत सरल रखा गया है, जहाँ श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आधार कार्ड और जन-धन बैंक खाते के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
बुढ़ापे का संबल: पेंशन और पारिवारिक सुरक्षा
जैसे ही लाभार्थी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करता है, उसे प्रति माह ₹3,000 की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन मिलना शुरू हो जाती है। यह वित्तीय सहायता वृद्धावस्था में श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने और गरिमापूर्ण जीवन जीने में सहायक सिद्ध होती है। योजना में संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 'पारिवारिक पेंशन' का प्रावधान भी जोड़ा गया है। यदि दुर्भाग्यवश लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उनके जीवनसाथी को पेंशन की 50 प्रतिशत राशि (₹1,500 प्रति माह) प्राप्त करने का अधिकार होगा, जिससे परिवार को कठिन समय में संबल मिल सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
