CJI Surya Kant Kapil Sibal, Voter List Revision Controversy : देश की सर्वोच्च अदालत में बुधवार को उस समय एक असाधारण दृश्य देखने को मिला, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बीच 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान, ममता बनर्जी ने स्वयं दलीलें पेश करने की जिद की, जिस पर सीजेआई को हस्तक्षेप करते हुए उन्हें वकीलों की काबिलियत और अदालती मर्यादा की याद दिलानी पड़ी। यह मामला अब महज एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं और राज्य सरकार के बीच विश्वास के संकट का प्रतीक बन गया है।

कोर्ट रूम ड्रामा: वकीलों के बजाय खुद मोर्चा संभालती मुख्यमंत्री

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की पीठ के समक्ष ममता बनर्जी ने अपनी याचिका पेश करते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। जब उन्होंने खुद जिरह शुरू करने की कोशिश की, तो मुख्य न्यायाधीश ने टोकते हुए कहा:

न्यायालय की सलाह: "मैडम ममता, कोर्ट में कपिल सिब्बल जैसे कई काबिल वकील मौजूद हैं। उन्हें बंगाल का पक्ष रखने दीजिए।" सीजेआई ने याद दिलाया कि सिब्बल ने पहले ही इस मुद्दे पर विस्तार से पक्ष रखा है।

ममता की दलील: मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, "मैं बंगाल से हूं और राज्य का पक्ष रखना चाहती हूं। न्याय दरवाजे के पीछे रो रहा है। यह प्रक्रिया केवल वोटर्स के नाम मिटाने के लिए है।"

आरोप: उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद सरनेम बदलने वाली बेटियों के नाम हटाए जा रहे हैं और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) पर इतना दबाव है कि कुछ ने आत्महत्या तक कर ली है।

चुनाव आयोग का पलटवार और माइक्रो ऑब्जर्वर्स पर रार :

सुनवाई के दौरान टकराव तब और बढ़ गया जब चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने 'माइक्रो ऑब्जर्वर्स' की नियुक्ति का बचाव किया।

आयोग का तर्क: जब राज्य प्रशासन सहयोग नहीं करता, तो निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाने पड़ते हैं।

विवाद: ममता बनर्जी ने इन नियुक्तियों को गैर-कानूनी बताया। जब उन्होंने फिर से बोलना चाहा, तो सीजेआई ने उन्हें दोबारा टोकते हुए कहा कि उन्हें एडवोकेट श्याम दीवान और सिब्बल की काबिलियत पर भरोसा करना चाहिए।

कानूनी पेच और अगली सुनवाई :

कोर्ट ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए एक व्यवहारिक समाधान का प्रस्ताव दिया है। सीजेआई ने ममता सरकार से उन अधिकारियों की सूची मांगी है जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया में लगाया जा सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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