सिनेमा के 'थलपति' अब सत्ता के 'सुल्तान':गृह और पुलिस विभाग की कमान खुद संभालेंगे मुख्यमंत्री विजय!
चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में राज्यपाल दिलाएंगे शपथ, कैबिनेट में कांग्रेस को भी मिली जगह, नौ मंत्रियों के नामों की सूची आई सामने।

तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रमुख विजय चेन्नई में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पूर्व एक सार्वजनिक मंच को संबोधित करते हुए।
दक्षिण भारतीय राजनीति के क्षितिज पर आज एक नया सूरज उगने जा रहा है। तमिल सिनेमा के निर्विवाद सम्राट और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के संस्थापक सी. जोसेफ विजय, जिन्हें दुनिया 'थलपति' के नाम से जानती है, आज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में एक नई भूमिका में कदम रख रहे हैं। चेन्नई का जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए पूरी तरह सज चुका है। राजनीति और ग्लैमर के इस अनूठे संगम ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सत्ता के इस हस्तांतरण के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि विजय न केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे, बल्कि राज्य की सुरक्षा और प्रशासन की धुरी यानी गृह, पुलिस और सामान्य प्रशासन जैसे अति-संवेदनशील विभाग भी अपने पास ही रखेंगे।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा सरकार बनाने का औपचारिक आमंत्रण मिलने के बाद शनिवार देर शाम तक मंत्रिमंडल की रूपरेखा पर गहन मंथन चला। सूत्रों के अनुसार, पहले चरण में विजय के साथ नौ कैबिनेट मंत्री शपथ ले सकते हैं। इस नई कैबिनेट की सबसे खास बात इसमें शामिल समावेशी दृष्टिकोण है। टीवीके ने विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद जिस तरह से गठबंधन की राजनीति को साधा है, उसकी झलक मंत्रियों की सूची में भी साफ दिखाई देती है। कांग्रेस, जो इस गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, को भी कैबिनेट में सम्मानजनक स्थान दिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश कुमार और विश्वनाथन को कैबिनेट मंत्री बनाकर विजय ने एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया है।
विभागों के संभावित बंटवारे की बात करें तो वरिष्ठ राजनेता के.ए. सेंगोट्टैयन के अनुभव का लाभ उठाते हुए उन्हें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, नगर निगम प्रशासन का प्रभार एन. आनंद को सौंपे जाने की चर्चा है। ऊर्जा जैसे जटिल विभाग की कमान सी.टी.आर. निर्मल कुमार के हाथों में हो सकती है। खेलों के प्रति राज्य के युवाओं के उत्साह को देखते हुए आधव अर्जुन को खेल विकास मंत्रालय सौंपा जा सकता है। सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के लिए राज मोहन को आदि द्रविड़ कल्याण विभाग और वी.एन.एस. मुस्तफा को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में पी. वेंकटरमणन और वाणिज्यिक कर व पंजीकरण विभाग में अरुण राज के नाम प्रमुखता से उभरे हैं।
यह शपथ ग्रहण समारोह केवल एक व्यक्ति का मुख्यमंत्री बनना नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की द्वि-ध्रुवीय राजनीति (डीएमके और एआईएडीएमके) में एक तीसरे और सशक्त विकल्प का उदय है। विधानसभा चुनाव के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया था कि जनता ने विजय के विजन पर भरोसा जताया है। हालांकि टीवीके अकेले बहुमत के आंकड़े से थोड़ी पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम, वीसीके और आईयूएमएल के साथ आने से गठबंधन के पास 120 विधायकों का ठोस समर्थन प्राप्त हो गया, जो बहुमत के जादुई आंकड़े से अधिक है। अब 13 मई को होने वाला विश्वासमत केवल एक संवैधानिक औपचारिकता मात्र रह गया है।
स्टेडियम के बाहर उमड़ी प्रशंसकों की भारी भीड़ और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच थलपति विजय का मुख्यमंत्री बनना यह दर्शाता है कि सिनेमाई लोकप्रियता जब ठोस धरातलीय मुद्दों से जुड़ती है, तो वह क्रांति का रूप ले लेती है। तमिलनाडु के नौवें व्यक्ति के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे जोसेफ विजय के सामने अब वादों को हकीकत में बदलने और एक स्थिर प्रशासन देने की बड़ी चुनौती होगी। विपक्ष में बैठी डीएमके और एआईएडीएमके की संयुक्त ताकत भी 113 विधायकों की है, जो विजय की हर नीति और फैसले पर कड़ी नजर रखेगी। आज की यह शपथ केवल एक शुरुआत है, असली परीक्षा सदन के पटल और जनता की उम्मीदों पर खरी उतरने की होगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
