गठबंधन की ताकत और 118 विधायकों के समर्थन के साथ टीवीके प्रमुख विजय ने संभाली सत्ता, मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को मिली जगह।

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जिसने दशकों पुराने समीकरणों को बदलकर रख दिया है। अभिनेता से राजनेता बने 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (टीवीके) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने आज चेन्नई के ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य समारोह के बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। स्टेडियम के भीतर और बाहर उमड़े लाखों समर्थकों के नारों और 'थलपति' की गूँज के बीच, यह शपथ ग्रहण समारोह महज एक राजनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक फिल्मी नायक के जननायक बनने के लंबे सफर की परिणति के रूप में देखा जा रहा है।

सत्ता के इस केंद्र तक पहुँचने की डगर विजय के लिए आसान नहीं रही। पिछले तीन दिनों से चली आ रही गहन कशमकश और गठबंधन की वार्ताओं के बाद, विजय ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 118 विधायकों का आवश्यक जादुई आँकड़ा हासिल किया। उन्हें वीसीके (VCK) का महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ, जिसने उनके गठबंधन को बहुमत के आँकड़े से ऊपर पहुँचा दिया। इस बहुमत के आधार पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें सरकार बनाने के लिए विधिवत रूप से आमंत्रित किया, जिसके बाद आज सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण का समय निर्धारित किया गया।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी सामने आया, जब मुख्यमंत्री के रूप में पद की शपथ लेते समय विजय भावुक होकर सीधे भाषण देने लगे। इस पर राज्यपाल ने उन्हें बीच में टोकते हुए संवैधानिक प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिया और उन्हें निर्धारित शपथ पत्र को पढ़ने को कहा। अपनी शपथ पूरी करने के बाद, मुख्यमंत्री विजय ने मंच पर मौजूद राज्यपाल का अभिनंदन किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उपस्थिति ने न केवल समारोह की गंभीरता को बढ़ाया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विजय के बढ़ते राजनीतिक कद को रेखांकित किया।

विजय के साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने भी गोपनीयता की शपथ ली। नई सरकार में केजी अरुणराज, एन आनंद, आधव अर्जुन, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन और आर निर्मल कुमार जैसे नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करने वाला नाम डॉ. टीके प्रभु का रहा, जो पेशे से एक डेंटिस्ट हैं और पहली बार विधायक चुने गए हैं। कराईकुडी सीट से जीत दर्ज करने वाले डॉ. प्रभु को टीवीके सरकार में महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने की संभावना है।

कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों का मानना है कि अनुच्छेद 164 के तहत गठित यह नई सरकार अब राज्य की जनता की भारी आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु में लंबे समय से चले आ रहे डीएमके और एआईएडीएमके के वर्चस्व को एक नई चुनौती मिली है। नेहरू स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह है कि जनता अब नई सोच और नए नेतृत्व की ओर देख रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि 'परदे का थलपति' शासन के मोर्चे पर किस तरह की 'ब्लॉकबस्टर' पारी खेलता है और राज्य के विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story