कावेरी वाइल्डलाइफ सेंक्चुअरी कर्नाटक में 3 तमिल किसानों की मौत से बवाल, CM विजय ने मांगी हाईलेवल जांच |
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने कर्नाटक के चामराजनगर में तीन तमिल किसानों की मौत पर नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कर्नाटक वन विभाग द्वारा तीन तमिल किसानों की हत्या पर सी.एम. थलपति विजय का कड़ा रुख
कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के अंतर्गत आने वाले कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी क्षेत्र में हुई तीन तमिल किसानों की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस दर्दनाक और गंभीर घटना ने तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों ही राज्यों के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कड़ा रुख अपनाया है और इसे किसी भी कीमत पर सहन न किए जाने की बात कही है। इस पूरी घटना के बाद से क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शनों का दौर भी शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 15 अगस्त की सुबह की है, जब चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के गांवों में रहने वाले एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार नामक तीन व्यक्ति कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी इलाके में मौजूद थे। कर्नाटक वन विभाग के कर्मचारियों के साथ कथित गोलीबारी की इस घटना में इन तीनों की मौत हो गई। इस दुखद समाचार के सामने आने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक आधिकारिक पोस्ट के माध्यम से इस क्रूर घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में कर्नाटक वन विभाग की ओर से दी गई सफाई और स्पष्टीकरण बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और इसे किसी भी रूप में मंजूर नहीं किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री थलपति विजय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति के गठन की पुरजोर मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसके साथ ही, उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कर्नाटक सरकार से आग्रह किया है कि वह प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और मदद प्रदान करे, ताकि वे इस भारी दुख से उबर सकें। इसके अलावा, उन्होंने कर्नाटक सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है कि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और इसके लिए उचित कदम उठाए जाएं।
इस बीच, घटना के विरोध में स्थानीय स्तर पर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मारे गए तीनों लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर रविवार को चामराजनगर और मैसूर जिलों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए गए। चामराजनगर जिले के हनूर क्षेत्र में तनाव का माहौल साफ तौर पर देखा गया, जहां मारे गए लोगों के परिवारजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने दत्ती वन क्षेत्र में इकट्ठा होकर माले महादेश्वरा बेट्टा जाने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया और गोलीबारी की इस घटना में शामिल रहे वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों, जिनमें द्रमुक यानी डीएमके और पीएमके शामिल हैं, ने भी इस घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इन राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे उस दावे पर सवालिया निशान लगाया है जिसमें मारे गए लोगों को शिकारी बताया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यह है कि जिन वन कर्मियों ने गोली चलाई है, उन्हें घटनास्थल पर लाया जाए और उनसे इस संबंध में कड़ी पूछताछ की जाए। सामने आए टीवी फुटेज में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनती नजर आई। ग्रामीणों और राजनीतिक प्रतिनिधियों का यह मुख्य तर्क है कि यदि वे जंगल में गए भी थे, तो भी उन्हें इस तरह से मौत के घाट उतारने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता है। यह पूरा मामला अब दोनों राज्यों के प्रशासनिक और कानूनी दायरे में एक बड़ी बहस का विषय बन चुका है, और हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस उच्च-स्तरीय जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
