भारत सरकार ने नीट (NEET) की आगामी 21 जून को होने वाली पुन: परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सरकार ने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर 22 जून तक के लिए पूर्णतः रोक लगा दी है। इस अवधि के दौरान टेलीग्राम पर संदेशों को संपादित (edit) करने का फीचर भी 30 जून तक निष्क्रिय रहेगा। यह कदम मुख्य रूप से परीक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी, पेपर लीक की अफवाहों को रोकने और नकल गिरोहों पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है, क्योंकि पूर्व में ऐसी आशंकाएं जताई गई थीं कि इन मंचों का दुरुपयोग अनुचित साधनों के लिए किया जा सकता है।

इस सरकारी कार्रवाई के बीच, टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पावेल डुरोव ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस जियो पर निशाना साधा है। डुरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि रिलायंस जियो ‘बीजीपी हाइजैकिंग’ (BGP Hijacking) जैसी तकनीकों का उपयोग कर भारत के बाहर, विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों में रह रहे लाखों उपयोगकर्ताओं के लिए टेलीग्राम की पहुंच को बाधित कर रही है। डुरोव का तर्क है कि यह तकनीकी व्यवधान अनजाने में नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया है।

पावेल डुरोव ने इस पूरे मामले में एक व्यावसायिक प्रतिशोध की संभावना भी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चूँकि रिलायंस के निवेश में मेटा (मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक), जो कि व्हाट्सएप की मूल कंपनी है, की भी हिस्सेदारी है, इसलिए इस पूरे प्रकरण में मेटा की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि भारत में टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने और वैश्विक स्तर पर इसके उपयोग को बाधित करने के पीछे रिलायंस और मेटा का गठजोड़ हो सकता है।

वर्ष 2014 में टेलीग्राम की स्थापना करने वाले डुरोव, जिन्हें उनके शुरुआती तकनीकी कार्यों के लिए अक्सर 'रूस का मार्क जुकरबर्ग' कहा जाता है, ने वैश्विक इंटरनेट रूटिंग के इस कथित दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दुनिया भर के नेटवर्क ऑपरेटर्स से आह्वान किया है कि वे रिलायंस द्वारा किए जा रहे अनधिकृत बीजीपी अनाउंसमेंट्स को स्वीकार न करें ताकि उपयोगकर्ताओं के लिए इंटरनेट एक्सेस को स्थिर बनाए रखा जा सके। दूसरी ओर, सरकार का स्पष्ट रुख है कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अफवाह या नकल से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए वे किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने के अपने अधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। यह विवाद न केवल तकनीकी सुरक्षा के मानकों पर प्रश्न उठाता है, बल्कि बड़ी टेक कंपनियों और दूरसंचार ऑपरेटरों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कूटनीतिक जटिलताओं को भी रेखांकित करता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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