TCS Salary Hike 2026 : भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अपने लाखों कर्मचारियों के लिए एक ऐसी खुशखबरी साझा की है, जिसने आईटी क्षेत्र में छाई अनिश्चितता को काफी हद तक दूर कर दिया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसके यहां छंटनी का दौर अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और संस्थान अपने पुराने 'स्टैंडर्ड इंक्रीमेंट साइकिल' पर वापस लौट रहा है। यह खबर उन हजारों तकनीकी पेशेवरों के लिए संजीवनी की तरह आई है, जो पिछले काफी समय से अपनी जॉब सिक्योरिटी और वेतन वृद्धि को लेकर संशय में थे। कंपनी का यह फैसला न केवल आंतरिक स्थिरता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक आईटी बाजार में सुधार के संकेत भी दे रहा है।

गौरतलब है कि साल 2025 का समय टीसीएस और उसके कर्मचारियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा था, जब जुलाई में कंपनी ने अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग 2 प्रतिशत हिस्से, यानी करीब 12,261 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया था। उस वक्त कंपनी ने स्ट्रक्चरल रिस्ट्रक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के अनुरूप खुद को ढालने की दलील दी थी। इस उथल-पुथल के कारण 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वार्षिक वेतन वृद्धि चक्र में भी देरी हुई थी। हालांकि, अब सीईओ के. कृतिवासन ने स्पष्ट किया है कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और मांग में सुधार के चलते कंपनी अपनी पुरानी सामान्य स्थिति में लौट आई है। टीसीएस ने चौथी तिमाही (Q4) में 13,718 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 12.2 प्रतिशत अधिक है, साथ ही कंपनी ने 12 बिलियन डॉलर के नए मेगा कॉन्ट्रैक्ट्स भी हासिल किए हैं।

सैलरी हाइक की बात करें तो टीसीएस में इस बार प्रदर्शन के आधार पर वेतन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 'टॉप परफॉर्मर्स' को डबल डिजिट में सैलरी ग्रोथ मिल सकती है। वहीं, औसत प्रदर्शन रेटिंग और ग्रेड के आधार पर अधिकांश कर्मचारियों को 4.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के बीच वेतन वृद्धि मिलने की संभावना है। यह घोषणा कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाली है, क्योंकि पिछले कुछ समय से आईटी सेक्टर में वेतन वृद्धि को लेकर भारी सुस्ती देखी जा रही थी। अब 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाला इंक्रीमेंट साइकिल बिना किसी देरी के सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा।

एक तरफ जहां कंपनी व्यावसायिक मोर्चे पर सफलता के झंडे गाड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ नासिक स्थित टीसीएस की बीपीओ यूनिट से आए एक सनसनीखेज खुलासे ने कंपनी की छवि पर दाग भी लगाया है। यहां महिला कर्मचारियों के कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में नासिक पुलिस ने अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं और तौसिफ अत्तार व निदा खान जैसे मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कानूनी और प्रशासनिक चुनौती कंपनी के लिए एक गंभीर परीक्षा की घड़ी है, जहां उसे अपने वर्क कल्चर और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने होंगे।

कुल मिलाकर, टीसीएस का यह कदम आईटी उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है। जहां एक ओर छंटनी के डर को खत्म कर कंपनी ने कर्मचारियों का भरोसा जीता है, वहीं दूसरी ओर नासिक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए उसे अपनी आंतरिक अनुशासन प्रणालियों को और अधिक मजबूत करना होगा। भविष्य में कंपनी की विकास यात्रा इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे अपने व्यावसायिक लाभ और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखती है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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