तमिलनाडु में मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करते हुए 'अन्नदानम' (मुफ्त भोजन) योजना के दायरे को और बढ़ा दिया है। इसके तहत सरकार राज्य के 10 प्रमुख मंदिरों में रोजाना मुफ्त भोजन पाने वाले लोगों की संख्या को 100% यानी दोगुना कर रही है। इस बढ़ोतरी से हर साल 2,25,475 नए भक्त इस योजना से जुड़ेंगे, जिससे इन दस मंदिरों में लाभार्थियों की कुल संख्या सालाना 5,08,350 यानी 5 लाख से अधिक हो जाएगी। हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) मंत्री सी. रमेश ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों की मौजूदगी में कांचीपुरम जिले के कुंद्रथुर स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में इस विस्तारित कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन किया और उद्घाटन के बाद उन्होंने भक्तों के साथ भोजन भी किया।

यह पहल 2026-2027 के विधानसभा सत्र के दौरान अनुदान की मांग के समय की गई घोषणा को पूरा करती है। इस योजना के तहत कोयंबटूर में पेरूर पटीश्वरर मंदिर, तिरुप्पुर में सिवनमलई सुब्रमण्य स्वामी मंदिर, कांचीपुरम के देवराजस्वामी और एकांबरनाथर मंदिर, तथा चेन्नई के चूलई स्थित अंगला परमेश्वरी और काशी विश्वनाथ स्वामी मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों में लाभार्थियों की संख्या को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है, जहाँ अधिकांश मामलों में यह संख्या रोजाना 100 से बढ़कर 200 हो गई है। ऐतिहासिक रूप से इस 'अन्नदानम' पहल की शुरुआत मूल रूप से वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने मंदिर के भक्तों के लिए मुफ्त दोपहर के भोजन के कार्यक्रम के तौर पर की थी, जिसे बाद की सरकारों के कार्यकाल में धीरे-धीरे विस्तारित और अपग्रेड करके चुनिंदा प्रमुख मंदिरों में पूरे दिन मुफ्त भोजन सेवा में बदल दिया गया। इस प्रोजेक्ट के उद्देश्य पर बात करते हुए मंत्री सी. रमेश ने कहा कि योजना के विस्तार से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ पहुँचाकर दया, समानता और मानवता की सेवा की भावना को मजबूत किया जा रहा है, जो जिम्मेदार प्रशासन, श्रद्धालुओं के कल्याण और 'जन सेवा ही ईश्वर सेवा है' के सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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