Tamil Nadu Election 2026 : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी समर में इस बार केवल राजनीतिक दलों के बीच ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग और अवैध धनबल के बीच भी भीषण संघर्ष देखने को मिल रहा है। राज्यभर में जारी कड़ी निगरानी के बीच अब तक करीब 800 करोड़ रुपये की नकद राशि, कीमती आभूषण और अवैध वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं, जिसने लोकतंत्र के इस उत्सव में धन के अनियंत्रित प्रवाह पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह 2021 के विधानसभा चुनावों में हुई कुल जब्ती के मुकाबले लगभग दोगुना हो चुका है, जिससे यह स्पष्ट है कि निर्वाचन आयोग इस बार किसी भी प्रकार की चूक के मूड में नहीं है।

निर्वाचन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 2021 के चुनावों के दौरान कुल 446.28 करोड़ रुपये के उपहार और कीमती धातुएं बिना वैध दस्तावेजों के पकड़ी गई थीं, जबकि बेहिसाब नकदी का आंकड़ा 236.70 करोड़ रुपये रहा था। उस समय कुल जब्ती में सोने की बड़ी हिस्सेदारी थी। हालांकि, 2026 के वर्तमान परिदृश्य में बुधवार तक की गई कार्रवाई ने पुराने सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। इस बार की ₹800 करोड़ की विशाल जब्ती में केवल नकदी और आभूषण ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और शराब भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 126.64 करोड़ रुपये की ऐसी शुद्ध नकदी पकड़ी गई है, जिसका कोई भी वैध स्रोत या दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका।

कानूनी और प्रक्रियात्मक मोर्चे पर अधिकारियों ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राहत के द्वार भी खुले रखे हैं। चुनाव विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों की सामग्री जब्त की गई है, वे जिला स्तर पर गठित समितियों के समक्ष वैध साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत कर अपना सामान वापस प्राप्त कर सकते हैं। इसकी पुष्टि इस तथ्य से होती है कि अब तक जांच के बाद लगभग 400 करोड़ रुपये की सामग्री उनके सही मालिकों को लौटाई जा चुकी है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि आयोग की सख्ती का शिकार कोई निर्दोष व्यापारी या आम नागरिक न बने। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर आयकर विभाग, फ्लाइंग स्क्वॉड और स्थिर निगरानी टीमें (SST) 24 घंटे मुस्तैद हैं, जो संदिग्ध वाहनों और परिवहन मार्गों की सघन तलाशी ले रही हैं।

चुनाव आयोग की इस अभूतपूर्व कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को प्रलोभन देने की कोशिशों को जड़ से खत्म करना है। एक वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी ने इस अभियान की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम धनबल के माध्यम से जनादेश को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में यह जब्ती इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र अब पहले से कहीं अधिक आधुनिक और सक्रिय हो चुका है, जिसका प्रभाव आने वाले मतदान के परिणामों पर भी पड़ना तय है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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