तमिलनाडु सरकार ने राज्य में नीट (NEET) परीक्षा के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज करीब 65 आपराधिक मामलों को वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस फैसले से विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा रहे लगभग 1800 लोगों को राहत मिलेगी।

10 मई से 31 जुलाई के बीच दर्ज हुए थे मामले

तमिलनाडु में इस साल 10 मई से लेकर 31 जुलाई के बीच नीट परीक्षा के विरोध में कई जगह प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल ये सभी 65 मामले कानूनी और न्यायिक जांच के अलग-अलग चरणों में लंबित हैं।

समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

नीट विरोधी प्रदर्शनों में शामिल लोगों पर दर्ज मुकदमों की मौजूदा स्थिति और पूरी जानकारी हाल ही में मुख्यमंत्री विजय के संज्ञान में लाई गई थी। मामले की गंभीरता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने सभी मुकदमों की गहन समीक्षा की। समीक्षा पूरी होने के बाद सरकार ने सभी 65 मामलों को रद्द करने और वापस लेने का निर्णय लिया।

तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को इन मुकदमों को वापस लेने के लिए जरूरी कानूनी कार्रवाई तुरंत शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सरकारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि मुकदमों को पूरी तरह समाप्त करने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करना अनिवार्य होगा, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के इस कदम से प्रदर्शन में शामिल रहे युवाओं और उनके परिवारों को अदालती प्रक्रियाओं से मुक्ति मिलेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

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