अखंड भारत के स्वप्नदृष्टा का गौरवपूर्ण सम्मान: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बंगाल में अब होगा राजकीय अवकाश|
भाजपा सरकार ने बजट में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा और शोध केंद्र बनाने की घोषणा की है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जिनकी जयंती को पश्चिम बंगाल में अब राज्य अवकाश के रूप में मनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को राज्य में अवकाश के रूप में मनाने का आधिकारिक निर्णय लिया है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को राज्य का बजट पेश करते हुए इस महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसके तहत 6 जुलाई को डॉ. मुखर्जी की जयंती पर सार्वजनिक छुट्टी रहेगी। सरकार ने उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए राज्य में डॉ. मुखर्जी की 125 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने और उनकी विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक पुस्तकालय एवं अनुसंधान केंद्र के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया है.
यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 'पश्चिम बंगाल दिवस' के अवसर पर दिए गए उस संबोधन के दो दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने बंगाल के विभाजन काल के इतिहास को याद करते हुए डॉ. मुखर्जी की भूमिका पर प्रकाश डाला था। उन्होंने रेखांकित किया था कि पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। भाजपा के राजनीतिक और वैचारिक विमर्श में डॉ. मुखर्जी का स्थान केंद्रीय है, जो हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष रहने के साथ ही भारतीय जनसंघ के संस्थापक भी थे.
बजट में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासतों को सहेजने के लिए अन्य कई बड़ी घोषणाएं भी की गई हैं। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सरकार एक आधुनिक संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण करेगी। इसके साथ ही, राज्य में टैगोर सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना की भी योजना है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि कालीघाट, तारापीठ और कंकालीतला जैसे प्रमुख शक्तिपीठों के लिए एक विरासत आयोग का गठन किया जाएगा। साथ ही, इन तीर्थ स्थलों के चारों ओर बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए 'बंगाल शक्ति पीठ सर्किट' का विकास किया जाएगा.
शासनिक सुधारों की बात करें तो सरकार ने पेशेवर कर (प्रोफेशनल टैक्स) के संबंध में रियायतें देने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को पेशेवर कर के भुगतान से छूट दी जाएगी। साथ ही, पेशेवर कर न चुकाने वाले करदाताओं के लिए कारावास के प्रावधान को हटाकर इसे अपराध की श्रेणी से बाहर करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे अब केवल वित्तीय दंड ही लागू रहेगा। ये सभी उपाय भाजपा सरकार के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं, जिसमें शासनिक पहलों के साथ-साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य के गौरवशाली इतिहास को पुनर्जीवित करने के साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक जनसुलभ बनाना है.

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
