आखिर कैसे हुई सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या? जाने पूरी वारदात
भाजपा नेता के निजी सहायक की कार रोककर हमलावरों ने चार गोलियां दागीं, मौके से फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी और ग्लॉक पिस्तौल के खोखे बरामद।

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके दिवंगत पीए का कोलाज जिसमें अधिकारी जीत का संकेत दे रहे हैं।
Chandranath Rath murdered : पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर रक्त रंजित हो उठी है। भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक, चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या ने पूरे राज्य में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। बुधवार की रात जब पूरा शहर अपनी रफ्तार धीमी कर रहा था, तब मध्यग्राम के डोलतला इलाके में एक ऐसी खूनी पटकथा लिखी गई जिसने पेशेवर अपराधी गिरोहों की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हिंसा के गहरे गठजोड़ को उजागर कर दिया है। जांचकर्ताओं ने इस पूरी वारदात के पीछे एक बेहद सटीक और सोची-समझी साजिश का अंदेशा जताया है, जिसमें घात लगाकर किए गए हमले को पेशेवर अंजाम दिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार, रात के करीब 10:30 बजे जब चंद्रनाथ रथ अपनी कार से जा रहे थे, तभी फर्जी नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कार ने अचानक उनका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि रथ कुछ समझ पाते, चार मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए हमलावरों ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर पूरी तरह पेशेवर थे और उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। एक के बाद एक कई राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से चार गोलियां सीधे रथ को अपना निशाना बनाकर दागी गईं। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी कार वहीं छोड़कर बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलों पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए रफूचक्कर हो गए।
अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि चंद्रनाथ रथ को जब इलाज के लिए लाया गया, तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। उनके शरीर पर गोलियों के गहरे निशान थे, जिनमें से एक गोली सीधे उनके दिल को भेदते हुए निकल गई थी। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से खाली और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा हथियारों को लेकर हुआ है; प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस हत्या में 'ग्लॉक 47X' जैसी अत्याधुनिक पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस स्तर के हथियारों का उपयोग साधारण अपराधी नहीं करते, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस हत्याकांड के पीछे प्रशिक्षित शूटरों का हाथ हो सकता है।
इस हत्याकांड के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में उबाल आ गया है। सुवेंदु अधिकारी ने इसे एक 'पूर्व नियोजित हत्या' करार देते हुए दावा किया है कि हमलावरों ने वारदात से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी की थी। भाजपा ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन करते हुए घटना की निंदा की है। राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया गया है और उसके चेसिस नंबर की जांच की जा रही है, क्योंकि उस पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। चुनाव के बाद की हिंसा के साये में हुई इस हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
