सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: बेटियों को मां की जाति से SC प्रमाणपत्र
सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है कि अल्पवयीन बेटियों को उनकी मां की जाति के आधार पर अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र मिलेगा। यह निर्णय पारंपरिक पितृसत्तात्मक नियमों को चुनौती देता है और बच्चों की शिक्षा व सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देता है।

mother caste based SC certificate India
Mother Caste Based SC Certificate India : शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अल्पवयीन बच्चियों को उनके माता की जाति के आधार पर अनुसूचित जाति (SC) प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है। यह निर्णय पारंपरिक पितृसत्तात्मक नियमों को चुनौती देता है, जिसके तहत अब तक जाति प्रमाणपत्र बच्चों को केवल पिता की जाति के आधार पर ही मिलता था।
Mother caste based SC certificate India
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का केंद्र बिंदु शिक्षा का संरक्षण और अल्पवयीन बच्चियों के हित में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना रहा। अदालत ने माना कि बदलते समय और सामाजिक परिवर्तनों के मद्देनजर जाति निर्धारण में लचीलेपन की आवश्यकता है। इस फैसले से न केवल कानूनी व्यवस्था में बदलाव आएगा, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण में भी महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित थीं, जिनमें पारंपरिक जातिगत नियमों को चुनौती दी गई थी। अदालत ने अपनी व्याख्या में कहा कि माता के आधार पर प्रमाणपत्र जारी करना केवल बच्चियों के अधिकार और भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है, और यह सामाजिक समानता की दिशा में एक कदम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से न केवल अनुसूचित जातियों के बच्चों के लिए शिक्षा और अवसरों में सुधार होगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। कोर्ट का यह निर्णय आने वाले वर्षों में जाति और पहचान से जुड़े कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोणों में नए मानक स्थापित कर सकता है।
Mother caste based SC certificate India
सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले ने समाज में विचारों और परंपराओं के बदलते स्वरूप को स्वीकार करते हुए बच्चों के अधिकार और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
