बेटी के लिए मां की कानूनी लड़ाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने बेटी को चुपके से अमेरिका ले जाने वाले पिता को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि वह चार हफ्ते के भीतर बच्ची को अमेरिका से भारत वापस लेकर आए। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर बच्ची को भारत नहीं लाया गया, तो भारत में मौजूद उसके दादा-दादी को इसके गंभीर परिणाम और कानूनी नतीजे भुगतने होंगे।

यह पूरा मामला मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें बच्चे को अमेरिका ले जाने वाले व्यक्ति के बुजुर्ग माता-पिता के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को रद्द कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले को पूरी तरह पलट दिया है। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने बच्ची के दादा-दादी के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को पुनः बहाल कर दिया है, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें और न्याय की प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न डाल सकें।

अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि जब बच्ची मात्र साढ़े तीन साल की थी, तब उसका पिता उसे धोखे से मां से दूर अमेरिका लेकर चला गया था। मां लगातार अपनी बेटी को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रही है और उसकी मानसिक स्थिति बेहद खराब है। कोर्ट ने मां की ममता और उसकी कानूनी लड़ाई का सम्मान करते हुए यह सवाल उठाया कि एक मासूम बच्ची को उसकी मां के प्यार और देखभाल से वंचित क्यों रखा जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका में पिता के साथ बच्ची किन परिस्थितियों में रह रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि व्यक्ति खुद भारत आने में असमर्थ है, तो उसे चार हफ्ते के भीतर किसी एस्कॉर्ट के साथ फ्लाइट के जरिए बच्ची को भारत भेजने के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। इसके अलावा, यदि मां स्वयं अमेरिका जाती है, तो बच्ची को तुरंत मां के सुपुर्द करना होगा। अदालत की इस सख्त चेतावनी के बाद से मामले में कानूनी शिकंजा और अधिक कस गया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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